(गोपालगंज से सुरेश राय/गौतम प्रसाद की रिपोर्ट)
Gopalganj News: बिहार में पिछले कुछ समय से लगातार निर्माणाधीन और पुराने पुलों के क्षतिग्रस्त होने का सिलसिला थम नहीं रहा है. अब इसी कड़ी में बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा को जोड़ने वाले एक बेहद महत्वपूर्ण निर्माणाधीन पुल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. यूपी-बिहार सीमा के नजदीक भटनी क्षेत्र में खनुआ नदी के चखनी घाट पर बन रहे पुल का एक पिलर धंसने की खबर है. इस घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी है.
गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल, डरे ग्रामीण
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है, जिसके कारण पिलर धंसा है. लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश और डर है कि यदि समय रहते इन तकनीकी खामियों को दूर नहीं किया गया, तो भविष्य में यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है. वीडियो सामने आने के बाद पुल निर्माण की क्वालिटी को लेकर चौतरफा सवाल उठने लगे हैं.
यूपी और बिहार के बीच सुगम सफर का था सपना, 16 करोड़ की लागत से बन रहा पुल
यह पुल दोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाकों के लिए लाइफलाइन माना जा रहा है. वर्तमान में खनुआ नदी पर पुल न होने की वजह से उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को एक-दूसरे के क्षेत्र में जाने के लिए करीब 20 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है. चखनी घाट पर आवाजाही के लिए लोग बरसात के दिनों में नाव और अन्य दिनों में पानी कम होने पर लकड़ी के अस्थायी पुल का सहारा लेते हैं, जिससे हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है. भाटपार रानी के विधायक सभाकुंवर कुशवाहा के प्रयासों से स्वीकृत यह पुल करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से सेतु निगम द्वारा बनाया जा रहा है.
विभाग की सफाई: पिलर धंसा नहीं, बारिश से आई तकनीकी दिक्कत
दूसरी तरफ, सेतु निगम के अधिकारियों ने पिलर धंसने के दावों को खारिज किया है. उनका कहना है कि हाल के दिनों में हुई भारी बारिश और जलस्तर में अचानक आए बदलाव के कारण कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आई हैं.
विवेक कुमार नायक (सहायक अभियंता, सेतु निगम) ने बताया कि पुल निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार ही कराया जा रहा है. गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा. बारिश के चलते कुछ दिक्कतें आई हैं, जिसे विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंचकर दुरुस्त करने का प्रयास कर रही है. जल्द ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा.
बिहार में लगातार हो रहे हादसों से सहमे लोग
चूंकि बिहार में हाल के दिनों में एक के बाद एक कई पुल ताश के पत्तों की तरह ढहे हैं, ऐसे में सीमावर्ती इलाके में बन रहे इस पुल की इस स्थिति ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. अब देखना यह है कि विभाग इसे महज ‘तकनीकी समस्या’ बताकर पल्ला झाड़ता है या समय रहते इसकी मजबूती सुनिश्चित की जाती है.
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