Gopalganj News : थाईलैंड में बंधक बना कर हथुआ के दो युवकों से कराया जा रहा साइबर फ्रॉड

Gopalganj News : हथुआ प्रखंड के दो मजदूरों को मोटी सैलरी का लोभ देकर खाड़ी देश में नौकरी दिलाने का बहाना बनाया गया. खाड़ी देश जाने के बाद उनको थाईलैंड के बैंकाॅक ले गये, जहां से बंधक बना कर जबरन उनसे साइबर अपराध कराया जा रहा है. फ्रॉड करने से इंकार करने पर उनको यातना दी जा रही है.

हथुआ. हथुआ प्रखंड के दो मजदूरों को मोटी सैलरी का लोभ देकर खाड़ी देश में नौकरी दिलाने का बहाना बनाया गया. खाड़ी देश जाने के बाद उनको थाईलैंड के बैंकाॅक ले गये, जहां से बंधक बना कर जबरन उनसे साइबर अपराध कराया जा रहा है. फ्रॉड करने से इंकार करने पर उनको यातना दी जा रही है. बंधक बने युवकों ने अपनी पीड़ा सुना कर चोरी-छिपे वीडियो बना कर अपने परिवार को व्हाट्सप पर भेजा है, जिसपर परिवार के लोग परेशान हैं. खाड़ी देश में बंधक बने मजदूर मीरगंज थाने के फतेहपुर गांव के वाहिद रौशन और मो साउद अली हैं.

परिजनों ने एसपी और एसडीपीओ को आवेदन देकर लगायी गुहार

उनके परिजनों ने इस संबंध में एसपी एवं हथुआ एसडीपीओ को आवेदन देकर उनके वतन वापसी के लिए अपील की है. परिजनों ने बताया कि यूपी के इलाहाबाद के सिविल लाइन निवासी एजेंट नीरज कुमार यादव के द्वारा एक लाख 20 हजार रुपये तथा पासपोर्ट लेकर विजिट वीजा देते हुए यह कहा गया कि थाईलैंड के बैंकॉक पहुंचते ही उन्हें अच्छे वेतन पर उनको काम मिल जायेगा.

फौजी के वेश में कुछ लोगों ने कार में बैठाया, ले गये सुनसान जगह पर

26 अक्तूबर 2024 को दोनों युवक फ्लाइट से थाईलैंड पहुंचे, जहां उन्हें फौजी के वेश में कुछ लोग कार में बैठा कर छह घंटे के सफर के बाद नाव से सुनसान जगह पर ले गये. वहां चहारदीवारी के अंदर तीन हजार से अधिक की संख्या में भारत, नेपाल, पाकिस्तान के युवा, युवती बंधक बने हुए हैं. उनसे जबरन साइबर अपराध एवं अनैतिक कार्य कराया जा रहा था. इसमें तीन माह से हथुआ के दोनों युवकों से भी जबरन उक्त कार्य कराया जा रहा है. मालूम हो कि साइबर फ्रॉड के लिए इंडिया को टारगेट किया जा रहा है. यहां तीन हजार से अधिक युवा कॉल कर विभिन्न तरह से भारतीयों को टारगेट कर शिकार बना रहे हैं. चीन व पाकिस्तान के हथियारबंद लोगों के द्वारा ऐसा काम कराया जा रहा है. मामला सामने आने के बाद पुलिस के अधिकारी गंभीर हो उठे हैं.

एजेंट वापस बुलाने के लिए 1.20 लाख लेने के बाद दौड़ा रहा

युवकों के फंसने के बाद परिजनों ने उस एजेंट के पास जाकर वापस आने के लिए दबाव बनाया. इससे एजेंट ने उनसे 1.20 लाख रुपये दोबारा लेकर वापस भेजने के लिए एक माह से झांसा दे रहा है. उसके बाद परिवार के लोग परेशान हो उठे हैं. युवकों पर हो रहे जुल्म को लेकर परिजन सशंकित हो उठे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >