गोपालगंज के मॉडल स्कूलों में तकनीक आधारित पढ़ाई पर जोर, आइसीटी लैब का होगा बेहतर उपयोग

Technology Based Education: गोपालगंज के मॉडल स्कूलों में शिक्षा को तकनीक और गतिविधियों से जोड़ने की पहल तेज हो गई है. आइसीटी लैब, लाइव क्लास और प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने और उनकी वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है.

Technology Based Education: जिले के सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श (मॉडल) स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई को तकनीक और गतिविधियों से जोड़ने की कवायद तेज कर दी गयी है. निपुण बिहार कार्यक्रम के तहत मंगलवार को शिक्षा विभाग के सभागार में जिला एवं प्रखंड तकनीकी टीम के सदस्यों तथा नोडल शिक्षकों की बैठक आयोजित हुई. बैठक की अध्यक्षता समग्र शिक्षा विभाग के डीपीओ शिवम ने की.

डीपीओ ने बताया कि बैठक में मॉडल स्कूलों में संचालित आइसीटी लैब, विषयगत लैब, लाइव क्लास, इंस्पायर अवार्ड मानक योजना, प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण (पीबीएल) और विज्ञान संगोष्ठी कार्यक्रम की समीक्षा की गयी. साथ ही आगामी दिनों में इन गतिविधियों को और प्रभावी बनाने को लेकर कार्ययोजना पर चर्चा की गयी.

आइसीटी लैब और लाइव क्लास पर विशेष जोर

बैठक में स्कूलों में उपलब्ध आइसीटी और विषयगत लैब के उपयोग की स्थिति की जानकारी ली गयी. डीपीओ ने कहा कि स्कूलों में लगाये गये तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल केवल रिकॉर्ड और कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए. इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलना चाहिए.

लाइव क्लास के माध्यम से बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने और कठिन विषयों को आसानी से समझाने पर भी जोर दिया गया. तकनीकी टीम को स्कूलों में आने वाली समस्याओं का समाधान करने में नोडल शिक्षकों को सहयोग देने की बात कही गयी.

इंस्पायर अवार्ड से बच्चों में बढ़ेगी वैज्ञानिक सोच

इंस्पायर अवार्ड मानक योजना की भी बैठक में समीक्षा की गयी. बताया गया कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को नये विचार और वैज्ञानिक सोच के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया जाये. बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को सामने लाने के लिए विद्यालय स्तर पर गतिविधियां बढ़ाने की बात भी कही गयी.

विज्ञान संगोष्ठी में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उन्हें अपनी सोच व प्रयोग प्रस्तुत करने का अवसर देने पर भी चर्चा हुई.

पीबीएल से पढ़ाई को बनाया जायेगा आसान

प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों को किताबों के साथ गतिविधियों और प्रयोगों से सीखने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया. बैठक में नोडल शिक्षकों की जिम्मेदारियों की भी जानकारी दी गयी. उन्हें स्कूलों में चल रही गतिविधियों की नियमित निगरानी करने और कार्यक्रमों की प्रगति से संबंधित जानकारी समय पर उपलब्ध कराने को कहा गया है.

डीपीओ ने जिला और प्रखंड तकनीकी टीम के सदस्यों से आपसी समन्वय के साथ काम करने तथा स्कूलों को आवश्यक तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया.

बैठक में नोडल पदाधिकारी आरपी सिंह, जिला तकनीकी टीम के राकेश भारती, भूपेश कुमार, श्वेता गुप्ता और हेमंत यादव समेत संबंधित नोडल शिक्षक उपस्थित रहे.

इसे भी पढ़ें: गोपालगंज के थावे में दहेज की बलि चढ़ी दो बच्चों की मां, 2 लाख रुपये के लिए सास-ननद ने ली जान, दो हिरासत में एक ननद फरार


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >