LPG Connection: जिले में नया घरेलू एलपीजी कनेक्शन लेने वाले लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. इंडेन, बीपीसीएल और एचपीसीएल की एजेंसियों पर नये घरेलू कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले हजारों लोग अब भी इंतजार कर रहे हैं. वहीं, मौजूदा उपभोक्ताओं को रिफिल सिलिंडर की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है.
गोपालगंज में जून में पटना से तबादला होकर आये एक अधिकारी भी गैस कनेक्शन ट्रांसफर नहीं होने की समस्या से जूझ रहे हैं. उन्होंने बताया कि करीब तीन महीने से ब्लैक में रसोई गैस खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है. उनका पुराना कनेक्शन ट्रांसफर नहीं हो सका है और नया कनेक्शन भी नहीं मिल रहा है.
छह महीने से नये कनेक्शन का इंतजार
गैस एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, होर्मुज क्षेत्र में उत्पन्न आपूर्ति संकट के बाद नये घरेलू एलपीजी कनेक्शन जारी करने पर रोक लगायी गयी थी. इसका असर अब भी बना हुआ है. एजेंसी संचालकों का कहना है कि उपलब्ध गैस की प्राथमिकता मौजूदा उपभोक्ताओं को रिफिल उपलब्ध कराने में दी जा रही है.
अधिकारियों के अनुसार, आपूर्ति सामान्य होने के बाद नये कनेक्शन के लंबित आवेदनों पर कार्रवाई शुरू की जायेगी. एजेंसियों का कहना है कि मौजूदा उपभोक्ताओं को रिफिल उपलब्ध कराने में प्राथमिकता के बावजूद नये कनेक्शन जारी करना फिलहाल संभव नहीं हो पा रहा है.
महंगा है पांच और 10 किलो का विकल्प
नया घरेलू कनेक्शन नहीं मिलने की स्थिति में गैस कंपनियों की ओर से पांच और 10 किलोग्राम के पारदर्शी एलपीजी सिलिंडर का विकल्प दिया जा रहा है. हालांकि, इन सिलिंडरों की कीमत अधिक होने के कारण अधिकांश परिवार इसे नियमित घरेलू इस्तेमाल के लिए व्यावहारिक विकल्प नहीं मान रहे हैं.
10 किलो के सिलिंडर के लिए करीब 4,450 रुपये और पांच किलो के सिलिंडर के लिए 1,600 रुपये जमा करने पड़ते हैं. इसके बाद 10 किलो सिलिंडर की रिफिल करीब 1,400 रुपये और पांच किलो सिलिंडर की रिफिल 767 रुपये में उपलब्ध करायी जाती है.
जिले में 46 एजेंसियों से जुड़े करीब 2.70 लाख उपभोक्ता
| कंपनी | एजेंसियों की संख्या | उपभोक्ता |
| इंडेन | 26 | 1,41,109 |
| बीपीसीएल | 8 | 52,530 |
| एचपीसीएल | 12 | 76,226 |
| कुल | 46 | 2,69,865 |
बच्चों की पढ़ाई के लिए आयी महिला भी परेशान
विजयीपुर से बच्चों की पढ़ाई के लिए गोपालगंज में रह रही एक महिला ने बताया कि नया गैस कनेक्शन लेने के लिए आवेदन किये करीब चार महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक कनेक्शन नहीं मिला है. एजेंसी की ओर से पहले ही बता दिया गया था कि नये कनेक्शन पर रोक है.
महिला ने बताया कि फिलहाल रिश्तेदारों से सिलिंडर लेकर घर का काम चलाना पड़ रहा है. जिले में ऐसे कई परिवार हैं, जो आवेदन करने के बाद महीनों से गैस एजेंसियों का चक्कर लगा रहे हैं.
एजेंसी संचालकों की भी अपनी मजबूरी
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि नये कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया आपूर्ति की उपलब्धता से जुड़ी है. मौजूदा उपभोक्ताओं की रिफिल जरूरत पूरी करना प्राथमिकता है. आपूर्ति व्यवस्था सामान्य होने के बाद लंबित आवेदनों पर आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है.
