गोपालगंज में डॉक्टरों की कमी दूर करने की मांग, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मिले मिथिलेश तिवारी

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गोपालगंज जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की. उन्होंने झांझवा ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों की कमी, MRI/CT स्कैन सुविधा और एंटी-रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता पर जोर दिया.

Health Facility Expansion: बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र और गोपालगंज जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सह बैकुंठपुर विधायक मिथिलेश तिवारी ने रविवार को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष रखा और उनके शीघ्र समाधान का आग्रह किया.

झांझवा ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया

मिथिलेश तिवारी ने ट्रॉमा सेंटर झांझवा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिधवलिया, बैकुंठपुर और बरौली समेत अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व स्वास्थ्य उपकेंद्रों में रिक्त पदों के अनुरूप चिकित्सकों और आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति की मांग की.

उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सकीय मानवबल जरूरी है. खासकर ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों और जरूरी स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता नहीं होने से गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिलने में परेशानी हो सकती है.

सरकारी अस्पतालों में MRI और CT स्कैन की सुविधा की मांग

शिक्षा मंत्री ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में MRI, CT स्कैन और आधुनिक पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों और आकस्मिक परिस्थितियों में मरीजों को जांच के लिए दूसरे शहरों या निजी संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़े, इसके लिए सरकारी अस्पतालों में आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है.

उन्होंने क्षेत्र के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं को मजबूत करने और मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया.

एंटी-रेबीज वैक्सीन और एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता पर जोर

सदर अस्पताल गोपालगंज सहित सीएचसी सिधवलिया, बैकुंठपुर और बरौली में एंटी-रेबीज वैक्सीन तथा एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग भी की गयी.

मिथिलेश तिवारी ने कहा कि कुत्ते, बंदर या अन्य जानवर के काटने तथा सांप के डंसने की स्थिति में समय पर उपचार बेहद जरूरी है. ऐसे मामलों में देरी मरीज के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकती है. इसलिए जीवनरक्षक वैक्सीन और दवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए.

स्वास्थ्य मंत्री ने कार्रवाई का दिया आश्वासन

मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया. मिथिलेश तिवारी ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों की नियुक्ति, आधुनिक जांच सुविधाओं के विस्तार और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता के मुद्दे को प्राथमिकता के साथ उठाया गया है.

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By संजय कुमार अभय

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