Gopalganj Teej 2026: हरतालिका तीज को लेकर गोपालगंज में उत्साह चरम पर है. सोमवार 14 सितंबर को मनाये जा रहे तीज पर्व को लेकर रविवार से ही शहर के बाजारों में महिलाओं की भीड़ बढ़ गयी थी. साड़ी, चूड़ी, मेहंदी, सिंदूर, बिंदी समेत सोलह श्रृंगार के सामानों की दुकानों पर देर शाम तक खरीदारी होती रही. पूजा सामग्री और मिठाइयों की दुकानों पर भी चहल-पहल देखने को मिली.
आज रखा जा रहा हरतालिका तीज का निर्जला व्रत
हरतालिका तीज इस बार 14 सितंबर, सोमवार को है. सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखेंगी. वहीं कुंवारी कन्याएं भी मनचाहे वर की कामना से शिव-पार्वती की पूजा करती हैं.
पूजा में भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजन किया जाता है. क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार पूजा सामग्री में सोलह श्रृंगार, फल, फूल, बेलपत्र, धूप-दीप, नैवेद्य आदि शामिल किये जाते हैं.
सुबह 6:05 से 7:06 बजे तक मुख्य पूजा का मुहूर्त
पंचांग आधारित जानकारी के अनुसार 14 सितंबर को हरतालिका तीज की मुख्य पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:05 बजे से 7:06 बजे तक बताया गया है. तिथि की गणना के अनुसार व्रत सोमवार को रखा जा रहा है.
व्रत का पारण अगले दिन यानी 15 सितंबर को किया जायेगा. पारण का समय स्थानीय पंचांग और परिवार की परंपरा के अनुसार तय करना उचित रहेगा.
बाजार में साड़ी से लेकर मेहंदी तक की मांग
तीज को लेकर गोपालगंज शहर के बाजारों में साड़ी, चूड़ी और शृंगार सामग्री की खरीदारी बढ़ी है. महिलाएं पूजा के लिए जरूरी सामान के साथ नयी साड़ी, चूड़ी, बिंदी, सिंदूर और मेहंदी की खरीदारी कर रही हैं. पूजा सामग्री और मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की संख्या बढ़ी है.
गोपालगंज में पूजा सामग्री की दुकानों पर भी तीज से जुड़ी खरीदारी की जा रही है. शहर में Prasad Poojan Bhandar, नारायणी पूजा भंडार और Jaiswal Puja Bhandar जैसे पूजा सामग्री विक्रेताओं के यहां भी ग्राहक पहुंच रहे हैं.
शिव-पार्वती की प्रतिमा से सजेगा तीज का पूजन स्थल
हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती की पूजा की परंपरा है. कई घरों में मिट्टी या बालू से शिव-पार्वती की प्रतिमा तैयार कर पूजा की जाती है. इसलिए तीज से पहले शिव-पार्वती की छोटी प्रतिमाओं और पूजा सामग्री की मांग भी बढ़ जाती है.
तीज के साथ गणेश चतुर्थी का भी उत्साह
इस बार 14 सितंबर को हरतालिका तीज के साथ गणेश चतुर्थी भी पड़ रही है. इससे शहर में धार्मिक आयोजनों और बाजार की चहल-पहल और बढ़ गयी है. गणेश चतुर्थी के लिए भी कई जगहों पर प्रतिमा स्थापना और पूजा की तैयारियां चल रही हैं.
तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन होने से बाजार में पूजा सामग्री, फूल-माला, मिठाई और अन्य धार्मिक सामानों की मांग बढ़ने की उम्मीद है.
