इ-संजीवनी सेवा में गोपालगंज बिहार में अव्वल, 172% उपलब्धि के साथ 40,534 मरीजों को मिला परामर्श

गोपालगंज में ई-संजीवनी सेवा ने 172% की उपलब्धि हासिल कर बिहार में पहला स्थान प्राप्त किया है. इस सेवा के माध्यम से 40,534 से अधिक ग्रामीण मरीजों को ऑनलाइन डॉक्टरी सलाह मिली है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ी है.

E-Sanjeevani Service Gopalganj: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने में इ-संजीवनी टेली कंसल्टेंसी अहम भूमिका निभा रही है. गांव के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचकर मरीज वीडियो कॉल के माध्यम से डॉक्टरों से सीधे जुड़ रहे हैं और अपनी बीमारी के संबंध में चिकित्सकीय परामर्श ले रहे हैं. जुलाई माह में गोपालगंज जिले में 40,534 मरीजों को इ-संजीवनी के माध्यम से ऑनलाइन चिकित्सकीय परामर्श दिया गया. लक्ष्य के मुकाबले 172 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर गोपालगंज पूरे बिहार में अव्वल रहा.

लक्ष्य से दोगुने से अधिक मरीजों को मिला लाभ

जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम धीरज कुमार ने बताया कि जुलाई में निर्धारित लक्ष्य से दोगुने से अधिक मरीजों ने इ-संजीवनी सेवा का लाभ उठाया. जिले में कुल 40 हजार 534 मरीजों को ऑनलाइन चिकित्सकीय परामर्श मिला.

उन्होंने बताया कि इ-संजीवनी सेवा के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को सामान्य बीमारी के इलाज के लिए बार-बार प्रखंड या जिला मुख्यालय स्थित अस्पताल जाने की जरूरत कम हो रही है. मरीज अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर वीडियो कॉल के माध्यम से डॉक्टरों से परामर्श ले रहे हैं.

बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए भी यह सेवा विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही है. दूर-दराज के गांवों में रहने वाले मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर हुई है.

22 हब और 311 स्पोक से गांवों तक पहुंची सेवा

जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी जयंत चौहान ने बताया कि जिले में इ-संजीवनी टेली कंसल्टेंसी के लिए 22 हब और 311 स्पोक संचालित किए जा रहे हैं. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को स्पोक तथा पीएचसी और सीएचसी को हब बनाया गया है.

हब-स्पोक मॉडल के माध्यम से ग्रामीण मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही डॉक्टरों से ऑनलाइन चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा मिल रही है. मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र पर आवश्यक प्राथमिक जांच के बाद वीडियो कॉल के जरिये चिकित्सक से जोड़ा जाता है. इससे समय और आने-जाने के खर्च की बचत हो रही है.

ऑनलाइन परामर्श से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मिल रहा सहारा

इ-संजीवनी के माध्यम से मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध होने से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिल रही है. सेवा का अधिक उपयोग होने से यह साबित हो रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श की मांग बढ़ रही है.

गोपालगंज की 172 प्रतिशत उपलब्धि जिले में इ-संजीवनी सेवा के बेहतर संचालन और ग्रामीण क्षेत्रों में इसके बढ़ते उपयोग को दर्शाती है. अधिकारियों के अनुसार आगे भी अधिक से अधिक मरीजों को इस सेवा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.

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By मनीष राज

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