Gopalganj News: गोपालगंज शहर के वास्तविक सच को अपनी आंखों से देखने के लिए डीएम समीर सौरभ और एसपी विनय तिवारी मंगलवार को अचानक बाइक से शहर का विस्तृत निरीक्षण करने निकल पड़े. इस औचक निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने स्वयं सतर्कता से बाइक चलायी, जबकि जिला पदाधिकारी समीर सौरभ पीछे की सीट पर बैठे रहे.
बिना किसी काफिले के भ्रमण
दोनों शीर्ष अधिकारियों ने वीआईपी (VIP) संस्कृति को पीछे छोड़ते हुए बिना किसी औपचारिक सुरक्षा काफिले या सरकारी गाड़ियों की लंबी कतार के शहर के विभिन्न व्यस्ततम और रिहायशी इलाकों का सघन भ्रमण किया. इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों की तरह घूमकर शहर की जमीनी हकीकत, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था का गहन जायजा लिया.
सर्किट हाउस से शुरू की यात्रा
दोनों आला अधिकारी सबसे पहले स्थानीय सर्किट हाउस से मोटर साइकिल पर सवार होकर निकले. वहाँ से निकलकर वे सबसे पहले अत्यधिक संवेदनशील माने जाने वाले इवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस पहुंचे. इसके बाद दोनों अधिकारी सीधे पुलिस लाइन गए और वहाँ की व्यवस्थाओं को देखा. पुलिस लाइन का निरीक्षण पूरा करने के बाद वे प्रसिद्ध ऐतिहासिक थावे मंदिर परिसर पहुंचे.
यातायात और सुरक्षा का जायजा
इस औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंदिर परिसर सहित मुख्य रास्तों की सुरक्षा व्यवस्था, शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात प्रबंधन (ट्रैफिक सिस्टम), सड़कों के किनारे साफ-सफाई तथा आम लोगों से जुड़ी रोजमर्रा की समस्याओं का मौके पर ही बारीकी से अवलोकन किया. कमियों को देखते हुए उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को फोन पर ही आवश्यक कड़े दिशा-निर्देश दिए.
जमीनी हकीकत जानना था उद्देश्य
जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, इस तरह बाइक से औचक निरीक्षण करने का मुख्य उद्देश्य शहर की वास्तविक स्थिति और प्रशासनिक व्यवस्था का बिना किसी पूर्व सूचना के प्रत्यक्ष आकलन करना था. अधिकारी यह देखना चाहते थे कि बिना किसी औपचारिकता के आम जनता को किस तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है, ताकि व्यवस्थाओं में सुधार के लिए जमीनी हकीकत के अनुसार सही योजना बनाई जा सके.
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