Anemia Free Bihar: अनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत मंगलवार को अनीमिया मुक्त बिहार अभियान का शुभारंभ किया गया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संवाद कक्ष से अभियान की शुरुआत की. इसके साथ ही गोपालगंज जिले में भी सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अभियान शुरू हो गया.
6 माह से 19 वर्ष तक के बच्चों की होगी जांच
अभियान के तहत छह माह से 19 वर्ष तक के बालक-बालिकाओं के हीमोग्लोबिन स्तर की जांच की जायेगी. इसके अलावा गर्भवती और धात्री महिलाओं की भी हीमोग्लोबिन जांच होगी. यह अभियान 25 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक चलेगा.
कम हीमोग्लोबिन वालों को दी जायेगी आयरन की दवा
जांच के दौरान जिन बच्चों, किशोर-किशोरियों और महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर निर्धारित मानक से कम पाया जायेगा, उन्हें जरूरत के अनुसार आयरन सिरप और आईएफए की गुलाबी, नीली व लाल गोलियां उपलब्ध करायी जायेंगी. गंभीर मामलों में आवश्यक उपचार और रेफरल की सुविधा भी दी जायेगी.
अनीमिया के लक्षणों की होगी पहचान
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अनीमिया से प्रभावित लोगों में जल्दी थकान, सांस फूलना, सुस्ती, अधिक नींद आना, भूख कम लगना और बार-बार बीमार पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. बच्चों और किशोरों में पढ़ाई व खेलकूद में मन नहीं लगना भी अनीमिया का संकेत हो सकता है.
समय पर जांच और उपचार पर जोर
अभियान का मुख्य उद्देश्य अनीमिया की जल्द पहचान कर समय पर उपचार और आवश्यक दवा उपलब्ध कराना है. इसके माध्यम से बच्चों, किशोर-किशोरियों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को अनीमिया से बचाने और उनके स्वास्थ्य में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
मौके पर सिविल सर्जन डॉ. इसराइल, डीपीएम धीरज कुमार समेत अन्य चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे.
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