गोपालगंज: सिविल कोर्ट गोपालगंज में 41 वर्षों से लंबित एक दीवानी जमीन विवाद का बुधवार को आखिरकार पटाक्षेप हो गया. करीब 36 वर्षों तक अपील लंबित रहने के बाद एडीजे-5 विभा द्विवेदी की अदालत ने मामले की त्वरित सुनवाई करते हुए अपील को खारिज कर दिया और निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा. इसके साथ ही वर्ष 1985 से चले आ रहे विवाद का कानूनी अंत हो गया.
1985 में दायर हुआ था हकीकत वाद
मामला बरौली थाना क्षेत्र के सिसई गांव का है. गांव निवासी अरविंद कुमार गुप्ता सहित 13 लोगों ने वर्ष 1985 में अमर सिंह सहित 20 लोगों के खिलाफ हकीकत वाद दायर किया था. वाद में करीब तीन बीघा 12 कट्ठा आठ धुर जमीन को अपनी संपत्ति घोषित करने की मांग की गई थी.
1990 में खारिज हुआ था मूल वाद
मामले की सुनवाई के बाद वर्ष 1990 में तत्कालीन अवर न्यायाधीश-5 रामानुग्रह प्रसाद की अदालत ने वाद को खर्चा सहित खारिज कर दिया था. इस फैसले के खिलाफ वादी पक्ष ने उसी वर्ष जिला न्यायालय में अपील दायर की, जो लंबे समय तक लंबित रही.
36 वर्षों तक चलता रहा अपील का मामला
करीब 36 वर्षों तक दोनों पक्ष इंसाफ की उम्मीद में कोर्ट के चक्कर लगाते रहे. मामला एडीजे-5 विभा द्विवेदी की अदालत में पहुंचने के बाद इसकी त्वरित सुनवाई की गई और बुधवार को अपील खारिज करते हुए निचली अदालत के निर्णय को सही माना गया.
41 साल पुराने विवाद का हुआ कानूनी अंत
अदालत के फैसले के साथ ही वर्ष 1985 से चले आ रहे 41 साल पुराने दीवानी भूमि विवाद का कानूनी रूप से अंत हो गया. फैसले के बाद दोनों पक्षों के लोगों ने राहत की सांस ली.
