Gopalganj News : गंडक नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है. बुधवार को वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में 81.6 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया. गोपालगंज में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है. जलस्तर घटने से दियारा और तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को बाढ़ के खतरे से फिलहाल राहत मिली है. हालांकि, नेपाल की ओर से ग्लेशियर को लेकर जतायी गयी आशंका के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है.
घटते जलस्तर से दियारा के लोगों को मिली राहत
गंडक नदी के घटते जलस्तर से दियारा क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है. भादो महीने में नदी का जलस्तर सामान्य होने से जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को भी राहत मिली है. मकसुदपुर के रवींद्र यादव ने बताया कि दो साल पहले तक बांध और नदी के बीच बसे गांवों में लोगों को तीन-तीन महीने तक बाढ़ का सामना करना पड़ता था. इस वर्ष अब तक स्थिति अपेक्षाकृत राहत वाली रही है.
पुरवा हवा से कटाव का खतरा बरकरार
जलस्तर घटने के बावजूद गंडक नदी के किनारे कटाव का खतरा बना हुआ है. नदी को इन दिनों पुरवा हवा का साथ मिल रहा है, जिसे कटाव की दृष्टि से खतरनाक माना जाता है. जानकार ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान जलस्तर कटाव के लिए संवेदनशील है. हालांकि, जल संसाधन विभाग के अभियंता फिलहाल कटाव की संभावना से इंकार कर रहे हैं.
अगले 20 दिन दियारा क्षेत्र के लिए अहम
ग्रामीणों के अनुसार अगले करीब 20 दिन दियारा क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. उनका कहना है कि पितृपक्ष तक नदी में कटाव का खतरा बना रह सकता है. ऐसे में जलस्तर कम होने के बावजूद तटवर्ती इलाकों में लोगों की नजर नदी की धारा और तटबंधों पर बनी हुई है.
तटबंधों पर रात में भी हो रही पेट्रोलिंग
गंडक नदी के खतरे के निशान से नीचे लौटने के बाद भी तटबंधों की सुरक्षा को लेकर निगरानी जारी है. तटबंधों पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है. बाढ़ संघर्षात्मक बल के अध्यक्ष नवल किशोर सिंह, मुख्य अभियंता प्रमोद कुमार, अधीक्षण अभियंता मो साजिद इकबाल और विशंभरपुर में पवन कुमार समेत अभियंता और कर्मी निगरानी में जुटे रहे. डीएम समीर सौरभ की ओर से भी स्थिति की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है.
अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से नीचे नदी
गोपालगंज में विशंभरपुर के पास गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया. पतहरा में यह 65 सेंटीमीटर और टंडसपुर में 43 सेंटीमीटर नीचे रहा.
दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद 81.6 हजार क्यूसेक रहा डिस्चार्ज
वाल्मीकिनगर बराज से बुधवार को गंडक नदी में पानी के डिस्चार्ज में दिनभर उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया. सुबह छह बजे 83,900 क्यूसेक, सुबह आठ बजे 92,600 क्यूसेक, सुबह 10 बजे और दोपहर 12 बजे 92,600 क्यूसेक, दोपहर दो बजे और शाम चार बजे 90,600 क्यूसेक तथा शाम छह बजे 81,600 क्यूसेक डिस्चार्ज दर्ज किया गया.
ग्लेशियर को लेकर नेपाल की आशंका से प्रशासन अलर्ट
तिब्बत में ग्लेशियर फटने से आयी बाढ़ और तबाही के बाद नेपाल में भी स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है. नेपाल की ओर से हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर को लेकर खतरे की आशंका जताये जाने के बाद गोपालगंज प्रशासन भी अलर्ट मोड में है. प्रशासन की ओर से आपातकालीन तैयारियां पूरी रखने के निर्देश हैं.
नेपाल में बारिश होने पर बढ़ सकता है गंडक का जलस्तर
नेपाल के काठमांडू, अरुघाट, काकनी, कार्किनिता, पंचमौल, मलूंगा, अंगीकोट, परासी, दंडासबाड़ा, लंबपतना, कमालगांव और भैरहवा समेत कई क्षेत्रों में बारिश होने के बाद पूर्व में गंडक नदी में बाढ़ की स्थिति बनती रही है. फिलहाल नेपाल में बारिश नहीं होने के कारण गंडक नदी का जलस्तर सामान्य स्थिति में है. प्रशासन और जल संसाधन विभाग नदी एवं तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं.
