Gopalganj News : कुचायकोट प्रखंड के गोपालपुर थाना क्षेत्र स्थित शीतल नरहवा गांव में गंडक नहर के तेज बहाव और अवैध आउटलेट के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. नहर का पानी खेतों और बगीचों में फैल जाने से धान की फसल जलमग्न हो गई है. वहीं, लाखों रुपये मूल्य के सागौन और आम के पेड़ों के भी नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है.
मानक के विपरीत लगाए गए छह आउटलेट, किसानों ने लगाया आरोप
पीड़ित किसानों सुरेश मिश्रा, रामाशीष मिश्रा, विजय मिश्रा, रामायण मिश्रा और व्यास मिश्रा ने बताया कि विभागीय मानकों के अनुसार 700 मीटर की दूरी में अधिकतम चार आउटलेट लगाए जा सकते हैं. लेकिन यहां नियमों की अनदेखी करते हुए छह आउटलेट बना दिए गए हैं. किसानों का आरोप है कि इनमें अवैध रूप से 30 इंच के बड़े पाइप लगाए गए हैं, जिनसे निकलने वाला अनियंत्रित पानी फसलों और बगीचों को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है.
टेल एंड के किसानों तक नहीं पहुंच रहा पर्याप्त पानी
नहर की देखरेख में तैनात शत्रुघ्न राय ने बताया कि अवैध आउटलेट खुल जाने से नहर में पानी का दबाव काफी कम हो जाता है. इसका असर टेल एंड के किसानों पर पड़ता है, जहां तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पाता. उन्होंने बताया कि इन अवैध आउटलेटों को कई बार बंद कराया गया, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व बार-बार इन्हें खोल देते हैं.
सिंचाई विभाग ने अवैध आउटलेट बंद कराने का दिया आश्वासन
मामला सामने आने के बाद सिंचाई विभाग के कनीय अभियंता अशोक कुमार ने कहा कि किसानों की फसलों को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए अवैध आउटलेटों को जल्द ही पूरी तरह बंद कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि इससे शीतल नरहवा के किसानों की फसलें सुरक्षित रहेंगी और नहर का पानी अंतिम छोर तक सुचारू रूप से पहुंचेगा, जिससे अन्य जरूरतमंद किसानों को भी सिंचाई का लाभ मिल सकेगा.
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