Gopalganj News: सोशल मीडिया पर चंद लाइक, व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने की अंधी दौड़ अब युवाओं की जिंदगी पर भारी पड़ने लगी है. इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ट्रेंड करने का जुनून किशोरों को खतरनाक स्टंट करने के लिए मजबूर कर रहा है. ऐसा ही एक मामला फुलवरिया प्रखंड में सामने आया है, जहां रील बनाने के चक्कर में किशोर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं.
फुलवरिया प्रखंड के रेलवे स्टेशन मुख्य पथ किनारे स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के पास स्थित तालाब में रोजाना दर्जनों किशोर और युवा खतरनाक तरीके से छलांग लगाते नजर आते हैं. ऊंची दीवारों और पुल से पानी में छलांग लगाने का उद्देश्य केवल सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाना और उसे वायरल करना बताया जा रहा है.
रील के चक्कर में मौत को दे रहे दावत
स्थानीय लोगों के अनुसार, तालाब के किनारे से ऊंचाई से छलांग लगाना बेहद खतरनाक है. पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं होने के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. बावजूद इसके किशोर अपनी जान की परवाह किए बिना लगातार स्टंट कर रहे हैं.
बेअसर हो रही बुजुर्गों की चेतावनी
हनुमान मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोग इन युवाओं को कई बार समझा चुके हैं. बड़े-बुजुर्ग उन्हें तालाब में इस तरह छलांग लगाने से मना करते हैं और वहां से हटाने का प्रयास भी करते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने की सनक में डूबे युवा किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हैं.
स्थानीय निवासी नरसिंह गुप्ता ने बताया कि कुछ सेकेंड के वीडियो और लाइक-व्यूज के लिए बच्चे अपनी जान तक जोखिम में डाल रहे हैं. मना करने पर कई बार वे बहस करने लगते हैं.
परिजनों की लापरवाही भी चिंता का कारण
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की इस गतिविधि पर परिजनों का नियंत्रण भी जरूरी है. अगर समय रहते परिवार और प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो सोशल मीडिया की यह सनक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है.
गहरे तालाब में स्टंट खतरे की घंटी
क्षेत्र में पहले भी नहर और तालाबों में डूबने से कई दर्दनाक घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इसके बावजूद किशोर बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के गहरे पानी में छलांग लगा रहे हैं. पानी की गहराई और स्थिति की जानकारी नहीं होने के कारण कभी भी दुर्घटना हो सकती है.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तालाब के आसपास निगरानी बढ़ाई जाए और युवाओं को इस तरह के खतरनाक स्टंट करने से रोका जाए, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके.
