Smart Meter का विरोध करना पड़ा महंगा, बिजली कंपनी ने कर दी बत्ती गुल, ऐसे सुलझा मामला

Smart Meter: गोपालगंज के भोरे थाना क्षेत्र में स्मार्ट मीटर का विरोध करना गांव वालों को महंगा पड़ गया. बिजली कंपनी ने पूरे गांव की ही बिजली काट दी.

गोपालगंज. स्मार्ट मीटर का विरोध करना गांव वालों को तब महंगा पड़ गया, जब बिजली कंपनी ने पूरे गांव की ही बत्ती गुल कर दी. बिजली कंपनी के इस रवैये से क्षुब्ध गांव वाले हंगामा करने पर उतर आये. मामले में पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और इसके बाद बिजली व्यवस्था बहाल हो पायी. इस घटना को लेकर गांव के लोगों के बीच काफी आक्रोश व्याप्त है. महिलाएं स्मार्ट मीटर का विरोध कर रही हैं और लगातार प्रदर्शन भी जारी है. पूरा मामला भोरे थाना क्षेत्र के बसदेवा उत्तर टोला का है.

Smart Meter लगाने के साथ ही शुरू हुआ था हंगामा

16 सितंबर को भोरे थाना क्षेत्र के बसदेवा गांव में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए 25 से 30 लोग गये थे. बसदेवा उत्तर टोला दलित बस्ती, जहां गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले दलित गुजर-बसर करते हैं उनके घर जाकर जबरन स्मार्ट मीटर लगा दिया गया. अगले ही दिन रिचार्ज नहीं होने पर उनके घर की बिजली काट दी गयी. इससे नाराज महिलाओं ने बिजली कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया था. लगातार विरोध के कारण मीटर लगाने का काम बाधित हो गया और असर यह हुआ कि आसपास के गांवों में भी विरोध शुरू हो गया.

गांव में घुस नहीं पा रहा था कोई कर्मी

बसदेवा उत्तर टोला में 53 घरों में स्मार्ट मीटर लगाया गया था, जिसका विरोध पूरे गांव के लोग कर रहे थे. विरोध का आलम था कि गांव में बिजली विभाग का कोई कर्मी नहीं घुस नहीं पा रहा था. इसको लेकर बिजली विभाग ने बसदेवा उत्तर टोला गांव की बिजली शनिवार की सुबह 8:00 बजे काट दी गयी. इसके बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया और एक बार फिर महिलाएं प्रदर्शन करने लगीं. गांव में बिगड़ते माहौल को देखकर पुलिस को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा.

भोरे थानाध्यक्ष संदीप कुमार ने विभाग के जेइ से बात की. विधि व्यवस्था का हवाला देकर बिजली व्यवस्था को पुनः बहाल करने और स्मार्ट मीटर को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की बात कही. इसके बाद शाम के लगभग 3:00 बजे गांव की बिजली व्यवस्था बहाल कर दी गयी. लेकिन उन 53 घरों में अब भी बिजली नहीं आयी है, जहां स्मार्ट मीटर लगा दिया गया है. बिजली कंपनी के जेइ पुनीत कुमार से पक्ष लेने की कोशिश की गयी, लेकिन सरकारी नंबर नहीं उठाने के कारण पक्ष नहीं लिया जा सका.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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