आपराधिक या घरेलू हिंसा होने पर डरें नहीं, न्यायालय का लें सहारा

उचकागांव. उचकागांव प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायत भवन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गोपालगंज के तत्वावधान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया.

उचकागांव. उचकागांव प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायत भवन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गोपालगंज के तत्वावधान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इसमें यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, नालसा मुआवजा योजना 2018, स्थायी लोक अदालत एवं विधिक सहायता से जुड़ी जानकारी दी गयी. प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता ललन कुमार भास्कर व पीएलवी आबिद हुसैन ने बताया कि यौन उत्पीड़न या तेजाब हमले की पीड़ित महिलाएं नालसा योजना के तहत मुआवजा प्राप्त कर सकती हैं. इसके लिए आवेदन जिला विधिक सेवा प्राधिकार को देना होता है. कार्यक्रम में बताया गया कि गोपालगंज व्यवहार न्यायालय परिसर में स्थायी लोक अदालत की स्थापना की गयी है, जो जन उपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का त्वरित निबटारा करती है. इसका निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होता है. घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत शारीरिक, यौन, मौखिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न भी अपराध की श्रेणी में आते हैं. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को विधिक सहायता व सरकारी योजनाओं से जुड़े हैंडबिल वितरित किये गये. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AWEDHESH KUMAR RAJA

AWEDHESH KUMAR RAJA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >