Gopalganj School Inspection : गोपालगंज के सिधवलिया प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय करसघाट पूर्वी में शिक्षा विभाग के निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आयी हैं. शनिवार 8 अगस्त को डीइओ अमरेन्द्र कुमार पांडेय के निरीक्षण में शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों की हाजिरी, मध्याह्न भोजन, स्कूल के अभिलेख, कैशबुक और साफ-सफाई समेत कुल 11 बिंदुओं पर गड़बड़ी मिली. डीइओ ने प्रधानाध्यापक से तीन दिनों के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण मांगा है.
हाजिरी बनाकर तीन शिक्षिकाएं स्कूल से मिलीं गायब
निरीक्षण के दौरान शिक्षिका अर्चना राय, कंचन चौधरी और नेहा कुमारी पाल की उपस्थिति दर्ज मिली, लेकिन तीनों विद्यालय में मौजूद नहीं थीं. वहीं शिक्षिका अंशु कुमारी और सुधा कुमारी भी निरीक्षण के दौरान विद्यालय से अनुपस्थित हो गयीं. विभागीय निर्देश के अनुसार कक्षा अवधि में शिक्षकों को पाठ योजना, शिक्षक डायरी, मूल्यांकन और गृहकार्य जांच जैसे कार्य करने होते हैं. निरीक्षण में उपस्थिति पंजी भी प्रमाणित नहीं मिली.
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रजिस्टर में 225 बच्चे, मौके पर सिर्फ 141 मिले
विद्यालय की छात्र उपस्थिति पंजी भी अपडेट नहीं मिली. कक्षा एक से चार में पंजी पर 88 बच्चों की उपस्थिति दर्ज थी, जबकि मौके पर 44 बच्चे मिले. कक्षा पांच में 27 के मुकाबले 14, कक्षा छह में 38 के मुकाबले 31 और कक्षा सात में 32 के मुकाबले 17 बच्चे उपस्थित मिले. वहीं कक्षा आठ में पंजी पर 19 बच्चे दर्ज थे, जबकि मौके पर 35 बच्चे मिले.
अधिक हाजिरी दर्ज करने से MDM राशि पर उठे सवाल
निरीक्षण रिपोर्ट में बच्चों की वास्तविक उपस्थिति और पंजी में दर्ज संख्या के बीच अंतर को गंभीरता से लिया गया है. रिपोर्ट में अधिक बच्चों की हाजिरी दर्ज कर मध्याह्न भोजन योजना की राशि के दुरुपयोग की प्रथम दृष्टया आशंका भी जतायी गयी है. मामले में प्रधानाध्यापक से इस संबंध में भी साक्ष्य सहित जवाब मांगा गया है.
खिचड़ी में दाल नहीं, 141 में सिर्फ 44 बच्चों को मिला पूरा भोजन
मध्याह्न भोजन के निरीक्षण में भी अनियमितता सामने आयी. रिकॉर्ड में 2025.605 किलो चावल अवशेष दर्ज था, जबकि विद्यालय में करीब 2400 किलो चावल मिला. निरीक्षण के दौरान खिचड़ी-चोखा बना था, लेकिन खिचड़ी में दाल नहीं थी और चोखा भी काफी कम मात्रा में था. 141 बच्चे उपस्थित थे, लेकिन 44 बच्चों को ही खिचड़ी-चोखा दिया गया, जबकि 97 बच्चों को केवल खिचड़ी दी गयी.
चखना पंजी से कैशबुक तक रिकॉर्ड अधूरे मिले
निरीक्षण के दौरान चखना पंजी 16 जनवरी के बाद अपडेट नहीं मिली. स्टॉक पंजी भी अधूरी थी. एमडीएम कैशबुक मई 2025 के बाद अपडेट नहीं मिली, जबकि समग्र विद्यालय अनुदान की कैशबुक भी अद्यतन नहीं थी. कुछ बिल बिना जीएसटी के भी दर्ज मिले. इन दस्तावेजों को लेकर भी विभाग ने जवाब मांगा है.
शिक्षक-अभिभावक बैठक में सिर्फ आठ हस्ताक्षर मिले
25 जुलाई को आयोजित शिक्षक-अभिभावक बैठक के रिकॉर्ड में केवल आठ अभिभावकों के हस्ताक्षर मिले. वहीं छात्रों की परीक्षा कॉपियां बिना मूल्यांकन के वेस्ट पेपर में मिलीं. वीएसएस पंजी भी निरीक्षण के दौरान प्रस्तुत नहीं की गयी. इससे विद्यालय में रिकॉर्ड संधारण और शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठे हैं.
गंदे मिले सभी शौचालय, सफाई व्यवस्था पर भी सवाल
निरीक्षण के दौरान विद्यालय के सभी शौचालय बेहद गंदे मिले. स्कूल परिसर की साफ-सफाई और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को लेकर भी विभाग ने गंभीरता जतायी है. शिक्षा विभाग ने विद्यालय संचालन में इस तरह की लापरवाही को गंभीर विषय माना है.
तीन दिनों में देना होगा साक्ष्य सहित जवाब
डीइओ अमरेन्द्र कुमार पांडेय ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक से तीन दिनों के अंदर सभी बिंदुओं पर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने को कहा है. विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सकती है.
