Gopalganj में डेंगू हो रहा बेकाबू, रोज मिल रहे इतने नये मरीज

Gopalganj: बिहार के गोपालगंज जिले में डेंगू काफी तेजी से फैल रहा है. यहां के सरकारी और निजी अस्पतालों में बड़ी संख्या में डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं.

Gopalganj: मलेरिया, टायफायड के बाद अब डेंगू का भी हमला तेज हो गया है. डेंगू और वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. शहर के प्राइवेट अस्पतालों और चिकित्सकों के ओपीडी में प्रतिदिन चिकनगुनिया और डेंगू के 50 से अधिक मामले आ रहे हैं. सामान्य बुखार के भी एक हजार से अधिक मरीज हैं. सदर अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या रोजाना ओपीडी में 200 से ऊपर पहुंच गयी है. शहर में रविवार को प्राइवेट अस्पतालों में आठ नये मरीज पाये गये, जिनमें डेंगू के लक्षण मिले.

इस वजह से केस में बढ़ोतरी

गोपालगंज जिले में सबसे भयावह स्थिति भोरे क्षेत्र में है. यहां रोज आठ से 10 मरीज डेंगू के मिल रहे हैं. घोरठा के रमाकांत सिंह, भोरे के संदीप कुमार, पांडेय खजुराहां के राजकिशोरी देवी, लच्छिचक केवली देवी समेत कई मरीज डेंगू की चपेट में आ चुके हैं. दिन में गर्मी और रात में ठंडक के कारण बुखार के मरीज बढ़े हैं. मौसम में बदलाव के बीच मच्छरों के कारण भी चिकनगुनिया और डेंगू के केस बढ़ गये हैं.

चिकनगुनिया और डेंगू के रोज आ रहे मरीज

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ शशिरंजन प्रसाद ने बताया कि टॉयफायड, मलेरिया के अलावा चिकनगुनिया और डेंगू के मरीज रोजाना सामने आ रहे हैं. दिन और रात के तापमान में काफी अंतर है. इसका असर पर भी स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. इसलिए ऐसे मरीजों को बचाव के लिए अधिक सतर्क रहने की जरूरत है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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