Gopalganj News: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का एआई (AI) निर्मित फर्जी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में गिरफ्तार भाकपा (माले) के युवा नेता अजातशत्रु की शुक्रवार को पुलिस ने सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराई. इसके बाद उन्हें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
उधर, अजातशत्रु के पेशे से अधिवक्ता होने के कारण स्थानीय विधिज्ञ संघ (बार एसोसिएशन) ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई का विरोध जताया है. उल्लेखनीय है कि नगर थाना पुलिस ने गुरुवार को अजातशत्रु को गिरफ्तार किया था.
आईटी सेल की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई
नगर थाना के इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार प्रभाकर ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस के आईटी सेल की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है. जांच के दौरान नीट (NEET) परीक्षा विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में एक भड़काऊ और आपत्तिजनक वीडियो सामने आया था, जिसमें 'तीन-चार कॉकरोचों को उल्टा लटका देने' जैसी बातें कही गई थीं. इसे सामाजिक सौहार्द के लिए हानिकारक मानते हुए प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की गई.
आरवाईए ने निंदा की, तत्काल रिहाई की मांग
रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA), गोपालगंज ने भाकपा (माले) नेता अजातशत्रु की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है.
संगठन द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि नीट परीक्षा में कथित धांधली व पेपर लीक के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से यह कार्रवाई की गई है. सरकार असहमति, आलोचना और व्यंग्यात्मक अभिव्यक्ति को दबाने का प्रयास कर रही है. आरवाईए ने अजातशत्रु को तत्काल रिहा करने, उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने और नीट परीक्षा धांधली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
