गोपालगंज में शराब बरामदगी केस पर कोर्ट सख्त, मकान मालिक को आरोपित नहीं बनाने पर पुलिस से मांगा जवाब

गोपालगंज में शराब बरामदगी मामले में कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. भोरे थानाध्यक्ष सहित चार पुलिस अधिकारियों को न्यायालय में पेश होकर स्पष्टीकरण देना होगा. क्या पुलिस की लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई होगी?

गोपालगंज: भोरे थाना क्षेत्र के भदवही गांव में शराब बरामदगी मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में कथित अनियमितताओं को विशेष उत्पाद न्यायाधीश प्रथम की कोर्ट ने गंभीरता से लिया है. न्यायालय ने भोरे थानाध्यक्ष सहित चार पुलिस पदाधिकारियों से जवाब-तलब किया है. सभी को न्यायालय में सशरीर उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है.

कोर्ट ने भोरे थानाध्यक्ष रोहिणी उपाध्याय, वादी पुलिस अवर निरीक्षक हलीम अंसारी, पुलिस निरीक्षक सह पर्यवेक्षी पदाधिकारी राधा मोहन पंडित और अनुसंधानकर्ता ज्योति प्रिया को नोटिस जारी किया है. न्यायालय ने पूछा है कि उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को निर्देशित क्यों नहीं किया जाए. समय पर संतोषजनक जवाब नहीं देने पर पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जतायी गयी है.

प्राथमिकी में कोर्ट ने उठाये कई सवाल

न्यायालय ने प्राथमिकी के अवलोकन के बाद कई बिंदुओं पर सवाल उठाये हैं. कोर्ट के अनुसार प्राथमिकी में घटना की तिथि 20 अगस्त दर्ज है, जबकि पीड़ित के आवेदन पर हस्ताक्षर की तिथि 22 अगस्त 2026 अंकित है. इस तिथि को लेकर न्यायालय ने विसंगति पर स्पष्टीकरण मांगा है.

इसके अलावा प्राथमिकी में भदवही गांव निवासी रामाशंकर भगत के मकान की छत से आठ लीटर शराब बरामद होने का उल्लेख है. इसके बावजूद रामाशंकर भगत को आरोपित नहीं बनाकर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी. इसी बिंदु पर न्यायालय ने पुलिस से जवाब मांगा है.

पर्यवेक्षण को लेकर भी कोर्ट ने जतायी आपत्ति

न्यायालय ने पुलिस निरीक्षक सह पर्यवेक्षी पदाधिकारी राधा मोहन पंडित द्वारा किये गये पर्यवेक्षण को लेकर भी सवाल उठाया है. कोर्ट ने पूछा है कि किस परिस्थिति में उन्होंने घटना के समय ही मामले का पर्यवेक्षण कर दिया.

न्यायालय ने प्रथम दृष्टया इसे कर्तव्य के निर्वहन में गंभीर लापरवाही मानते हुए चारों पुलिस पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है. कोर्ट ने यह भी पूछा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को निर्देशित क्यों नहीं किया जाए.

22 अगस्त को हुई थी शराब बरामदगी

मामले के अनुसार, 22 अगस्त को भदवही गांव में रामाशंकर भगत के मकान की छत से आठ लीटर शराब बरामद की गयी थी. इसके बाद पुलिस की ओर से अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी. प्राथमिकी में दर्ज तथ्यों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर न्यायालय ने कई सवाल उठाये हैं.

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By संजय कुमार अभय

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