Gopalganj News: जिले में औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और स्थानीय दवा विक्रेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता सहायक औषधि नियंत्रक मुकेश कुमार राऊत ने की. इस दौरान 'नशामुक्त भारत अभियान' के प्रभावी क्रियान्वयन और केंद्र सरकार के 'आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन' (ABDM) के तहत सभी खुदरा व थोक दवा दुकानों के शत-प्रतिशत पंजीयन को लेकर बिंदुवार चर्चा की गई.
नशामुक्त भारत अभियान में दवा विक्रेताओं की भूमिका अहम
बैठक को संबोधित करते हुए सहायक औषधि नियंत्रक मुकेश कुमार राऊत ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण दवा विक्रेताओं के सक्रिय सहयोग के बिना संभव नहीं है. उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा, "केमिस्ट समाज का एक जिम्मेदार अंग हैं. सभी दवा दुकानदार प्रतिबंधित, नशीली और शेड्यूल एच व एच1 श्रेणी की दवाओं की बिक्री को लेकर विभागीय नियमों का कड़ाई से पालन करें. बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के ऐसी दवाओं की बिक्री किसी भी सूरत में न की जाए और अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं."
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन में जल्द कराएं पंजीयन
सहायक औषधि नियंत्रक ने गोपालगंज केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन की जिला कार्यकारिणी से जिले भर के सभी दवा प्रतिष्ठानों को डिजिटल मिशन से जोड़ने का आह्वान किया. उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने स्तर से सभी केमिस्टों को जागरूक कर पोर्टल पर शीघ्र पंजीयन पूरा कराएं, ताकि दवा वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और ऑनलाइन नेटवर्क से जोड़ा जा सके.
पंजीयन के लिए अनिवार्य दस्तावेज और बैठक में उपस्थिति
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन में पंजीयन के लिए दवा दुकानदारों को अपने वैध ड्रग लाइसेंस (रिन्यूअल प्रति), पहचान पत्र, सक्रिय मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा. इस महत्वपूर्ण बैठक में दवा विक्रेता संघ के जिलाध्यक्ष बासुकीनाथ सिंह, सचिव रवि कुमार, निशांत कुमार सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में प्रमुख दवा विक्रेता उपस्थित रहे.
