Gopalganj News: सीबीएसई (CBSE) की कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए बोर्ड ने रिजल्ट के बाद की प्रक्रिया में अहम बदलाव किया है. अब जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, उन्हें सबसे पहले अपनी जांची गई उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी (Evaluated Answer Book) प्राप्त करनी होगी. इसके बाद ही वे अंकों के वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. यह व्यवस्था मुख्य बोर्ड परीक्षा और दूसरी बोर्ड परीक्षा दोनों के अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू की गई है.
पहले देखें उत्तरपुस्तिका, फिर करें आवेदन
सीबीएसई की नई गाइडलाइन में बताया गया है कि छात्र पहले अपनी मूल्यांकित उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी मंगाकर यह देख सकेंगे कि किस प्रश्न में कितने अंक दिए गए हैं और मूल्यांकन किस प्रकार किया गया है. उत्तरपुस्तिका देखने के बाद यदि किसी छात्र को अंकों में त्रुटि या मूल्यांकन को लेकर कोई आपत्ति लगती है, तभी वह अंकों के वेरिफिकेशन या किसी एक अथवा अधिक प्रश्नों के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेगा. बिना स्कैन कॉपी प्राप्त किए अब सीधे वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन की अनुमति नहीं दी जाएगी.
जानिए कब से कब तक होगा आवेदन और कितना लगेगा शुल्क
बोर्ड द्वारा जारी सूचना के अनुसार आवेदन की तिथियां व शुल्क निम्नानुसार हैं:
- स्कैन कॉपी के लिए आवेदन: 5 अगस्त से 9 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. इसके लिए ₹300 प्रति विषय शुल्क निर्धारित किया गया है.
- वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन: इसके लिए आवेदन 16 अगस्त से 19 अगस्त तक स्वीकार किए जाएंगे.
- अन्य शुल्क: अंकों के वेरिफिकेशन का शुल्क ₹300 प्रति उत्तरपुस्तिका, जबकि री-इवैल्यूएशन के लिए ₹100 प्रति प्रश्न देना होगा.
मार्क्स बढ़ने पर वापस होगी फीस
सीबीएसई बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया के बाद किसी छात्र-छात्रा के अंक बढ़ते हैं, तो संबंधित प्रक्रिया के लिए ली गई फीस उसी बैंक खाते में वापस (रिफंड) कर दी जाएगी, जिससे ऑनलाइन भुगतान किया गया था.
सीबीएसई लॉगिन पर उपलब्ध कराई जाएगी स्कैन कॉपी
बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे आवेदन स्वयं करें और अंतिम सबमिशन से पहले अपने सभी विवरणों की अच्छी तरह जांच कर लें. मूल्यांकित उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी सीबीएसई के छात्र लॉगिन अकाउंट (Candidate Login) पर उपलब्ध कराई जाएगी. बोर्ड का कहना है कि इस नई व्यवस्था से पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और विद्यार्थियों को अपने अंकों को समझने का बेहतर अवसर मिलेगा.
