Gopalganj News : सिधवलिया प्रखंड के सकला गांव में भारत शुगर मिल, सिधवलिया की ओर से शरदकालीन गन्ना बुवाई अभियान के तहत एक दिवसीय किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया. गोष्ठी में बड़ी संख्या में गन्ना किसानों ने भाग लिया. मिल के अधिकारियों ने किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने और शरदकालीन गन्ने की बुवाई करने की सलाह दी.
गन्ना खेती में यंत्रीकरण से कम होगी लागत
गोष्ठी को संबोधित करते हुए मिल के कार्यपालक उपाध्यक्ष विनोद सिंह ने गन्ना खेती में यंत्रीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रों के उपयोग से खेती की लागत कम करने के साथ उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है. किसानों को गन्ने की खेती में आधुनिक मशीनों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की सलाह दी गयी.
खूंटी प्रबंधन और उन्नत किस्मों की दी जानकारी
विनोद सिंह ने किसानों को गन्ने की वैज्ञानिक खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने खूंटी प्रबंधन यानी रैटून मैनेजमेंट, खाद और बीज के संतुलित उपयोग तथा उन्नत गन्ना किस्मों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि खेती के हर चरण में सही तकनीक अपनाकर किसान उत्पादन और आमदनी दोनों बढ़ा सकते हैं.
युवाओं से खेती से जुड़ने का आह्वान
मिल के कार्यपालक उपाध्यक्ष ने युवाओं से कृषि क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से खेती को जोड़कर इसे लाभ का व्यवसाय बनाया जा सकता है. युवाओं को कृषि के क्षेत्र में नयी तकनीक के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है.
मिल की ओर से किसानों को मिल रहीं सुविधाएं
गन्ना उप महाप्रबंधक विनोद राठी ने किसानों को मिल की ओर से उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि किसानों को उन्नत बीज, समय पर खाद, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी और तकनीकी सलाह उपलब्ध करायी जा रही है. साथ ही गन्ने के भुगतान को समय पर सुनिश्चित करने की बात कही.
शरदकालीन बुवाई अपनाने की अपील
विनोद राठी ने किसानों से शरदकालीन गन्ने की बुवाई को अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि इस मौसम में गन्ने की बुवाई करने से बेहतर उत्पादन प्राप्त होने की संभावना रहती है. किसानों को समय पर बुवाई के साथ वैज्ञानिक तरीके से फसल प्रबंधन करने की सलाह दी गयी.
सैकड़ों किसान रहे उपस्थित
गोष्ठी में ब्लॉक इंचार्ज पंकज सिंह, एरिया इंचार्ज ओमप्रकाश सिंह सहित भारत शुगर मिल के कर्मी और सैकड़ों गन्ना किसान उपस्थित रहे. इस दौरान किसानों ने गन्ने की खेती से संबंधित विभिन्न जानकारियां लीं.
