Pappu Pandey: (गोपालगंज से सत्येंद्र पांडेय की रिपोर्ट)
गोपालगंज जिले के कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय कोर्ट से राहत मिल गई है. उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर आज एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रख लिया. अब कोर्ट का फैसला 3 जून को आएगा. साथ ही विधायक की गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगा. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पटना हाइकोर्ट से वकील को बुलाया गया था.
विधायक पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप
बताया जाता है कि भू-माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप में कोर्ट पहले ही विधायक के बाहुबली भाई सतीश पांडेय, पीए राहुल तिवारी और पांच अन्य भू-माफियाओं की जमानत अर्जी को खारिज कर चुकी है. इसको लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई थी.
विधायक की ओर से गोपालगंज के वरीय अधिवक्ता शैलेंद्र तिवारी, उदय कुमार और शेख असगर, अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने दलीलें पेश की. जबकि अभियोजन पक्ष से जिला लोक अभियोजक देववंश गिरी उर्फ भानु गिरी, पटना हाईकोर्ट से आए अधिवक्ता जितेंद्र सिंह, अधिवक्ता राजकमल, अजातशत्रु और अभिषेक राय ने बहस किया. उसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.
सुनवाई के दौरान हाई अलर्ट मोड में रही कोर्ट की सुरक्षा
विधायक पप्पू पांडेय की जमानत अर्जी पर सुनवाई को लेकर कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. आने जाने वाले लोगों पर निगरानी रखी जा रही थी. पुलिस के कई अधिकारी सिविल ड्रेस में तैनात थे. जबकि सुनवाई के दौरान कोर्ट में भी पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे.
कुचायकोट थाने में प्राथमिकी हुई थी दर्ज
मीरगंज थाने के सेमराव गांव के जितेन्द्र कुमार राय ने एक अप्रैल को कुचायकोट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया था. उन्होंने बताया था कि मुजफ्फरपुर के विमल प्रसाद सिन्हा की पत्नी किरण सिन्हा के वह सेवक हैं. कुचायकोट थाने के बेलवा गांव में किरण सिन्हा की 16 एकड़ 93 डिसमिल जमीन है, जिसमें गेहूं की फसल लगी है, जो पक कर तैयार है. उसे देखने के लिए गए तो पहले से वहां मौजूद लोगों ने कहा कि अपने मालिक से कहकर जमीन उनके नाम कर दें.
उन लोगों ने वहां मौजूद पांच कमरों में लगे ताला को तोड़कर अपना ताला भी लगा दिया और जान मारने की नीयत से फायरिंग भी की. सूचना पर पहुंची पुलिस ने वहां से भोला पांडेय उर्फ राकेश पांडेय, गुड्डू कुमार, दीपक कुमार और नीतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया. जबकि राहुल तिवारी मौके से फरार हो गया. सतीश पांडेय और उनके विधायक भाई अमरेन्द्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय का नाम साजिशकर्ता में दिया है.
