पीएचसी में संसाधनों के रहते नवजात होते हैं रेफर बैकुंठपुर. पीएचसी में नवजात की सुरक्षा को लेकर न्यू बर्न केयर सेंटर खोल कर पर्याप्त संसाधन स्वास्थ्य विभाग द्वारा दे दिया गया है. इसके बावजूद यहां नवजातों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है. अस्पताल में बच्चों को बचा पाना एक समस्या बन गयी है. यहां बच्चों को जन्म लेते ही सदर अस्पताल रेफर कर दिया जाता है. आखिर न्यू बर्न केयर की कब जरूरत होगी. रेफर होते ही बच्चों पर खतरा बढ़ जाने की आशंका बढ़ जाती है. पिछले दिनों स्थानीय कई गांवों से आयी प्रसूता का नाम ससुराल के पते पर दर्ज कर नवजातों को गंभीर स्थिति बता कर रेफर कर दिया. इनमें पूर्वी चंपारण जिले के हुसैनी निवासी अर्जुन प्रसाद, सिधवलिया थाने के गोपालपुर गांव निवासी अरविंद महतो, मशरख थाने के टोटहा जगतपुर निवासी चंद्रदेव प्रसाद, इसी थाने के गम्हारी गांव निवासी विनोद राम के नवजातों को पीएचसी से रेफर कर दिया गया है. परिजनों की सुनें, तो न्यू बर्न केयर सेंटर का उपयोग नहीं हो पा रहा है. यह केवल कागज में सिमट कर रह गया है. बच्चों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है. इस संबंध में पूछे जाने पर चिकित्सा प्रभारी डाॅ संजय कुमार ने बताया कि उक्त नवजातों को गंभीरावस्था में रेफर किया गया है.
पीएचसी में संसाधनों के रहते नवजात होते हैं रेफर
पीएचसी में संसाधनों के रहते नवजात होते हैं रेफर बैकुंठपुर. पीएचसी में नवजात की सुरक्षा को लेकर न्यू बर्न केयर सेंटर खोल कर पर्याप्त संसाधन स्वास्थ्य विभाग द्वारा दे दिया गया है. इसके बावजूद यहां नवजातों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है. अस्पताल में बच्चों को बचा पाना एक समस्या बन गयी है. यहां […]
