जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आज

जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आजपार्टी के चुनाव चिह्न ‘तीर’ को बदलने का प्रस्ताव होगा पेशपार्लियामेंट एनेक्सी भवन में होगी बैठक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होंगे शामिलसंवाददाता, पटना जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को नयी दिल्ली के पार्लियामेंट एनेक्सी भवन में होगी. इस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद […]

जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आजपार्टी के चुनाव चिह्न ‘तीर’ को बदलने का प्रस्ताव होगा पेशपार्लियामेंट एनेक्सी भवन में होगी बैठक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होंगे शामिलसंवाददाता, पटना जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को नयी दिल्ली के पार्लियामेंट एनेक्सी भवन में होगी. इस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव, प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह समेत पुनर्गठित राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य शामिल होंगे. बैठक में जदयू के चुनाव चिह्न ‘तीर’ को बदलने को लेकर प्रस्ताव पेश किया जायेगा और इस प्रस्ताव के पास हो जाने की भी पूरी उम्मीद है. साथ ही जदयू केंद्र की राजनीति में व्यापक रूप से अपने पांव पसारने और बिहार विधानसभा चुनाव में मिली जीत का लाभ उठाने के लिए रणनीति भी तैयार करेगा. अगले साल असम और पश्चिम बंगाम में विधानसभा चुनाव होना है. ऐसे मेें दोनों राज्यों में पार्टी अपनी उपस्थिति दर्ज करने की तैयारी में है. इन दोनों राज्यों में चुनाव से पहले पार्टी अपना चुनाव चिह्न ‘तीर’ बदल लेना चाहता है. जदयू के प्रवक्ता डा. अजय आलोक की माने तो जदयू को उसके चुनाव चिह्न ‘तीर’ से नुकसान भी हो रहा है. इससे मिलता जुलता चुनाव चिह्न (तीर-धनुष) शिवसेना और झारखंड मुक्ति मोरचा का है. बिहार विधानसभा चुनाव में इस वजह से जदयू को नुकसान भी उठना पड़ा है. जदयू जिन 30 सीटों पर हारी है उसमें 16 सीटें ऐसी हैं जहां इसके चुनाव चिह्न से मिलते जुलते चुनाव चिह्न वाली पार्टी के उम्मीदवारों ने जदयू का वोट काटा है. दूसरे दलों के ऐसे उम्मीदवारों को पांच हजार तक वोट भी आये हैं. अगर चुनाव चिह्न अलग होता तो जदयू ये सीटें भी जीत जाती. इसके साथ-साथ बैठक में पार्टी भाजपा के खिलाफ सशक्त फ्रंट बनाने की दिशा में समाज विचारधारा वाली पार्टियों से तालमेल करने की दिशा में भी बातचीत करेगी. चुनाव चिह्न बदलने को लेकर जदयू चुनाव आयोग से भी मिल चुका है और आयोग द्वारा फ्रिज किये गये ‘चक्र’ चिह्न देने की मांग भी की है. जदयू की कार्यकारिणी की बैठक से दो दिन पहले ही कार्यकारिणी का पुनर्गठन भी किया गया है. इसमें जो लोग दूसरे दलों में चले गये हैं और पार्टी से किनारा कर लिया है, उनकी जगहों पर सांसदों, मंत्रियों, पूर्व मंत्रियों और विधान पार्षदों को भी शामिल किया गया है. बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार की सुबह जायेंगे, वहीं अधिकांश सांसद, मंत्री, विधान पार्षद दिल्ली पहुंच गये हैं.

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