अलग-अलग होगा जल संसाधन विभाग में बाढ़ और सिंचाई प्रबंधन कोषांग

अलग-अलग होगा जल संसाधन विभाग में बाढ़ और सिंचाई प्रबंधन कोषांग अभियंता फांकी नहीं मार सकेंगे, हर-हाल में मुख्यालय में रहना होगा, गैरहाजिर रहने वालों पर होगी कार्रवाई विभाग को अप-डेट करने के लिए 800 अभियंता होंगे मोबाइल से लैस विभागीय पुनर्गठन का प्रस्ताव एक माह में देने का प्रधान सचिव को मिला टॉस्क लक्ष्य […]

अलग-अलग होगा जल संसाधन विभाग में बाढ़ और सिंचाई प्रबंधन कोषांग अभियंता फांकी नहीं मार सकेंगे, हर-हाल में मुख्यालय में रहना होगा, गैरहाजिर रहने वालों पर होगी कार्रवाई विभाग को अप-डेट करने के लिए 800 अभियंता होंगे मोबाइल से लैस विभागीय पुनर्गठन का प्रस्ताव एक माह में देने का प्रधान सचिव को मिला टॉस्क लक्ष्य था 55. 68 लाख हेक्टेयर में सिंचाई करने की, हो रही है 29. 25 लाख में संवाददाता, पटना जल संसाधन विभाग में अब हौच-पौच की स्थिति नहीं रहेगी. बाढ़ और सिंचाई के प्रबंधन कोषांग अलग-अलग होंगे. बाढ़ कोषांग के अभियंताओं को सिंचाई कोषांग से कोई मतलब नहीं रहेगा, जबकि सिंचाई कोषांग के अभियंताओं को बाढ़ कोषांग से कोई लेना-देना नहीं होगा. अप्रैल-मई तक गह काम हर-हाल में पूरा हो जायेगा. विभाग को अप-डेट करने के लिए 800 अभियंताओं को मोबाइल से लैस किया जायेगा. उक्त जानकारी बुधवार को जल संसाधन मंत्री ललन सिंह ने दी. वे सिंचाई भवन में संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे. सिंचाई मंत्री ने कहा कि जल संसाधन विभाग को सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के मोरचे पर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का टास्क मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक दिन पहले हुई समीक्षा बैठक में दिया है. विभाग इस लक्ष्य को हासिल करने में अभी से ही जुट गया है. उन्होंने स्वीकार किया कि विभाग अब-तक 29. 25 लाख हेक्टेयर में ही सिंचाई का पूर्ण लक्ष्य हासिल कर पाया है, जबकि लक्ष्य है 55. 68 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा मुहैय्या कराने की. उन्होंने कहा कि विभागीय पुनर्गठन के बाद हम सिंचाई सृजन क्षमता का शत-प्रतिशत लक्ष्य अवश्य हासिल कर लेंगे. उन्होंने यह भी माना कि भूमि अधिग्रहण न होने के कारण भी सिंचाई की कई योजनाएं लंबित हैं. उन्होंने बताया कि स्वीकृत बल के ही बूते विभाग का पुनर्गठन किया जायेगा. सिंचाई संबंधी परियोजनाओं को चिन्हित करने का भी काम शुरु हो गया है. जिन योजनाओं में कोई समस्या नहीं है, उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जायेगा. इसके बाद भूमि अधिग्रहण संबंधी समस्याओं का निदान किया जायेगा. उन्होंने साफ-साफ कहा कि अब विभाग के अभियंता फांकी नहीं मार सकेंगे. उन्हें छुट्टियां तभी मिलेंगी, जब उनके उच्चाधिकारी इसकी स्वीकृति देंगे. मुख्य अभियंताओं को तो हर-हाल में मुख्यालय में उपस्थित रहना होगा. सभी कार्यालयों को लैंड-लाइन से जोड़ा जा रहा है. यही नहीं, 800 अभियंताओं को मोबाइल से भी लैस किया जायेगा. मुख्यालय से गैर हाजिर रहने वाले अभियंताओं पर कार्रवाई भी होगी. उन्होंने बताया कि विभाग के प्रधान सचिव को विभागीय पुनर्गठन का प्रस्ताव एक माह में देने को कहा गया है. संवाददाता सम्मेलन में विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे.

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