कागजी समीक्षा के बदले जमीनी हकीकत की समीक्षा करें मुख्यमंत्री: प्रेम कुमार

कागजी समीक्षा के बदले जमीनी हकीकत की समीक्षा करें मुख्यमंत्री: प्रेम कुमार संवाददाता पटना. विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता डा. प्रेम कुमार ने मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के द्वारा विभागीय समीक्षा अच्छी बात है. परंतु कागजी समीक्षा के बदले वे जमीनी हकीक़त की समीक्षा करें . डा. कुमार […]

कागजी समीक्षा के बदले जमीनी हकीकत की समीक्षा करें मुख्यमंत्री: प्रेम कुमार संवाददाता पटना. विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता डा. प्रेम कुमार ने मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के द्वारा विभागीय समीक्षा अच्छी बात है. परंतु कागजी समीक्षा के बदले वे जमीनी हकीक़त की समीक्षा करें . डा. कुमार ने उदाहरण देते हुए कहा कि नवादा ज़िला का हिसुआ देश का पहला बाल श्रम मुक्त प्रखण्ड घोषित हुआ . लेकिन आज भी वहाँ बाल श्रमिक ईंट भट्ठों और होटलों में काम कर रहे है. सरकारी अस्पतालों की हालत यह है कि पीएमसीएच के प्राचार्य हाथ टूटने पर निजी अस्पताल में ईलाज कराने जाते हैं . श्रम संसाधन विभाग का रोडमैप 2010- 15 में नर्धिारित लक्ष्यों यथा सभी नियोजनालयों का आधुनिकीकरणए कर्मचारी राज्य बीमा योजना में सभी औषधालयों का आधुनिकीकरण अभी तक आधा- अधूरा पड़ा हुआ है . टेली मेडिसिन सेवा बंद हो गई है. अस्पतालों में डॉक्टर अनुपस्थित मिलते हैं. मरीजों को दवाईयाँ नहीं मिल रही हैं. डा. कुमार ने कहा कि विभागीय समीक्षा में विपक्ष की मांग को ठुकराना पक्ष की कोई रणनीति हो सकती है परंतु जमीनी हकीक़त और घोषणाओं की समीक्षा को किसी रणनीति का हिस्सा न बनने दें .

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