अयोग्य शक्षिक से नहीं बनाया जा सकता बच्चों का भवष्यि : शक्षिा मंत्री (दूसरी खबर है)

अयोग्य शिक्षक से नहीं बनाया जा सकता बच्चों का भविष्य : शिक्षा मंत्री (दूसरी खबर है)विश्वविद्यालय के प्रोफेसर का नहीं आ रहा आउटपुट, तय की जायेगी जवाबदेहीउच्च शिक्षा में च्वाइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम लागू करने पर भी होगी चर्चासंवाददाता, पटनाशिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि अयोग्य शिक्षक से बिहार के बच्चों का भविष्य […]

अयोग्य शिक्षक से नहीं बनाया जा सकता बच्चों का भविष्य : शिक्षा मंत्री (दूसरी खबर है)विश्वविद्यालय के प्रोफेसर का नहीं आ रहा आउटपुट, तय की जायेगी जवाबदेहीउच्च शिक्षा में च्वाइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम लागू करने पर भी होगी चर्चासंवाददाता, पटनाशिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि अयोग्य शिक्षक से बिहार के बच्चों का भविष्य नहीं संवारा जा सकता है. जिनको बिहार के भविष्य का निर्माण करना है, जिन्हें भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी दी गयी है, उनकी गुण‌वत्ता बरकरार होनी चाहिए. जो शिक्षक दक्षता में पास नहीं करेंगे, उन पर बड़ा निर्णय लिया जाना चाहिए. इस मामले को वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 18 दिसंबर को शिक्षा विभाग की होनी वाली समीक्षा बैठक में उठायेंगे और अपनी बात रखेंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री जो फैसला लेंगे, वह मान्य होगा. शिक्षा मंत्री दक्षता परीक्षा में दो बार फेल कर चुके शिक्षकों के सवाल पर जवाब दे रहे थे. शिक्षा विभाग ने पहले तो उन्हें हटा दिया था, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद ये शिक्षक फिर से बहाल किये गये और विभाग इन शिक्षकों को तीसरा मौका भी देने का निर्णय ले चुका है. सूचना भवन में आयोजित प्रेस काॅन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्री ने प्रारंभिक-माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में अटेंडेंश की प्राथमिकता को बढ़ा सके, इस पर काम होगा. विश्वविद्यालयों में जो प्रोफेसर हैं, उनका आउटपुर नहीं आ रहा है. सरकार व यूजीसी के जरिये उन्हें डेढ़, पौने दो लाख रुपये वेतन मिल रहा है, लेकिन वे अपना सौ फीसदी नहीं दे पा रहे हैं. उस पर विभाग नये साल में जिम्मेवारी तय करेगा. शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव डाॅ डीएस गंगवार ने कहा कि जल्द ही कुलाधिपति, कुलपति, कुलसचिव समेत अधिकारियों की एक सेमिनार आयोजित की जायेगी. इसमें उच्च शिक्षा के विभिन्न पहलु की कैरीकुलम रिफायनरी को कैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम में अपडेट किया जाये और एकेडमिक कैलेंडर को कैसे दुरुस्त किया जाये, इस पर चर्चा की जायेगी. इसके अलावा कॉलेजों में च्वाइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम लागू करने पर भी पहल की जायेगी. इसमें चांसलर ऑफिस से भी अनुमति ली जायेगी.अगले चरण में उर्दू के लिए लगेगा कैंपशिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि उर्दू शिक्षकों के लिए फिलहाल नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है. उर्दू शिक्षकों की पहली बार बहाली की जा रही है. नियोजन इकाइ में जो अभ्यर्थी आ रहे हैं उन्हें नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है. इस प्रक्रिया के बाद जो भी अभ्यर्थी नियोजन पत्र लेने नहीं आ सकेंगे, उन्हें बाद में कैंप लगा कर नियुक्ति पत्र बांटा जायेगा. उन्होंने कहा कि शुरुआत में ही कैंप लगाकर नियुक्ति पत्र बांटने से इसमें कुछ धांधली हो सकती थी और अयोग्य अभ्यर्थी को भी नियुक्ति पत्र मिल सकता था. शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने इसी महीने से सिमरतल्ला स्कूल के सेशन शुरू होने का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि कुछ कारणों से देरी हुई है. इंटरेंस परीक्षा ले ली गयी है और इसी महीने से सत्र शुरू हो जायेगा. जो समय बर्बाद हुआ है, उसकी क्षतिपूर्ति की जायेगी और एक्स्ट्रा क्लासेज के जरिये पढ़ाया जायेगा.

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