ध्यानार्थ : लीड का इंट्रो है

ध्यानार्थ : लीड का इंट्रो हैमनरेगा घोटाले मामला पटना हाइकोर्ट में जाने के बाद प्रशासन की नींद खुली है. हाइकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मनरेगा घोटाले की जांच की गयी. जांच में आरोप सत्य निकला. चार दिसंबर को जिलाधिकारी ने विभाग को आरोपित मुखिया को पद्च्युत करने की अनुशंसा की थी. सेवामुक्त पीआरएस पर भी […]

ध्यानार्थ : लीड का इंट्रो हैमनरेगा घोटाले मामला पटना हाइकोर्ट में जाने के बाद प्रशासन की नींद खुली है. हाइकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मनरेगा घोटाले की जांच की गयी. जांच में आरोप सत्य निकला. चार दिसंबर को जिलाधिकारी ने विभाग को आरोपित मुखिया को पद्च्युत करने की अनुशंसा की थी. सेवामुक्त पीआरएस पर भी प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया था. नौ दिसंबर को मुखिया समेत तीन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी. मामले की जांच ग्रामीण विकास विभाग की टीम ने वर्ष 2014 में की थी. कोई कार्रवाई नहीं हुई थी. इसी मामले में हाइकोर्ट की सख्ती पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है.

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