कवि सम्मेलन सह मुशायरे में नगमों की बारिस

कवि सम्मेलन सह मुशायरे में नगमों की बारिस फोटो 17मीरगंज. एक शाम सवरेजी के नाम कवि सम्मेलन सह मुशायरे का सोमवार की शाम बुजुर्ग मंसूर आलम खां ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन दिया. युवा शायर कैसर खां की कविता तुम्हारा गांव तुम्हें याद करता रहे… पर श्रोताओं की तालियां रुकने का नाम नहीं ले रही […]

कवि सम्मेलन सह मुशायरे में नगमों की बारिस फोटो 17मीरगंज. एक शाम सवरेजी के नाम कवि सम्मेलन सह मुशायरे का सोमवार की शाम बुजुर्ग मंसूर आलम खां ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन दिया. युवा शायर कैसर खां की कविता तुम्हारा गांव तुम्हें याद करता रहे… पर श्रोताओं की तालियां रुकने का नाम नहीं ले रही थीं. वहीं, तंग इनायतपुरी के मजाकिया शेर पर लोगों के हंसते-हंसते पेट पर बल पड़ गया. उत्तर प्रदेश से आये हास्य कवि बादशाह प्रेमी के भोजपुरी हास्य कविताओं ने भी खूब तालियां बटोंरी. कार्यक्रम में कुवैत से आये मौर्य कला पार्षद के वाइस चेयरमैन अफरोज आलम के कविता संग्रह ‘धूप के आलम में’ का विमोचन हुआ. कार्यक्रम में सर्फुद्दीन सर्फ, संजय सिंह, माधुरी कुमारी, मिराजुद्दीन कृष्णा आदि कवियों की रचनाओं के रूप में श्रोता देर रात्रि तक डूबते-उतराते रहे. कार्यक्रम का संचालन कर रहे गुलशेर खां तथा कैसर खां ने समां को गुलजार रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

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