नन्ही परी को मिली ममता की छांव

नन्ही परी को मिली ममता की छांव बेटी थी इसलए मां ने जन्म देकर चौराहे पर फेंक दिया थादलित महिला ने उसे अपनायाफोटो नं-2सासामुसा. मां मेरा क्या कुसूर. तूने मुझे जन्म दिया, तो क्यों मुझे मरने के लिए छोड़ दिया. क्या मैं बेटी थी. जिस मां ने नौ माह तक अपने पेट में खून से […]

नन्ही परी को मिली ममता की छांव बेटी थी इसलए मां ने जन्म देकर चौराहे पर फेंक दिया थादलित महिला ने उसे अपनायाफोटो नं-2सासामुसा. मां मेरा क्या कुसूर. तूने मुझे जन्म दिया, तो क्यों मुझे मरने के लिए छोड़ दिया. क्या मैं बेटी थी. जिस मां ने नौ माह तक अपने पेट में खून से सींचा, वह मां बेटी को जन्म देते ही इतना कठोर कैसे हो गयी. जरूर उसकी भी कोई मजबूरी रही होगी, तभी तो जन्म देने के साथ ही नन्ही परी को मरने के लिए सड़क पर छोड़ दिया. ऊपर वाले उसे बचाने के लिए दलित महिला को मां के रूप में भेज दिया और नन्ही परी को ममता की छांव मिल गयी. विसंभरपुर थाने के बिंदवलिया गांव के चौराहे पर मंगलवार की सुबह नवजात बच्चे के रोने की आवाज सुन कर आसपास के लोग पहुंचे. नन्ही परी के चौराहे पर फेंके जाने की सूचना पर कुचायकोट थाने के भठवां गांव के अमर राम की पत्नी अमरी देवी पहुंची और मौजूद लोगों से आग्रह कर उसने उस बच्ची को अपना लिया.

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