जान देकर नहीं करेंगे काम

जान देकर नहीं करेंगे काम24 घंटे बाद भी किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची पुलिस भय के साये में कामय करने को विवश हैं डाॅक्टर10 लाख रुपये रंगदारी मांगने का मामलाफोटा-4 गोपालगंज. 10 लाख रुपये रंगदारी की मांग के बाद बरौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों में दहशत कायम है. चिकित्सकों ने एसपी से सुरक्षा […]

जान देकर नहीं करेंगे काम24 घंटे बाद भी किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची पुलिस भय के साये में कामय करने को विवश हैं डाॅक्टर10 लाख रुपये रंगदारी मांगने का मामलाफोटा-4 गोपालगंज. 10 लाख रुपये रंगदारी की मांग के बाद बरौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों में दहशत कायम है. चिकित्सकों ने एसपी से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है. चिकित्सकों के परिजन भी भयभीत हैं. घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है. सोमवार को दिन के 11 बजे डॉ देवकांत रोगियों के चेकअप में लगे थे. उनके माथे पर चिंता झलक रही थी. हर आने-जाने वाले को वह संदिग्ध नजरों से देख रहे थे. यह स्थिति सभी डॉक्टरों में देखी गयी. सभी डॉक्टरों में भय व्याप्त है.यह स्थिति तब उत्पन्न हुई है जब यहां कार्यरत डॉ देवकांत से अपराधियों ने बतौर रंगदारी 10 लाख रुपये की मांग की है. बता दें कि रविवार को सीवान जिले के कागजी मुहल्ले के रहनेवाले डॉ देवकांत से अपराधियों ने फोन कर 10 लाख रुपये रंगदारी की मांग की है. रंगदारी नहीं देने की स्थिति में उनकी तीन वर्षीया बेटी को अगवा करने की धमकी भी दी गयी है. इस मामले में डॉ देवकांत ने पुलिस से शिकायत की है. सोमवार को इनकी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं गयी. डॉक्टरों ने कहा है कि अगर ऐसे ही हालात रहे, तो हमलोग काम करना बंद कर देंगे. जान रहेगी तभी काम संभव है. इस संबंध में थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है. किसी भी हालत में अपराधी अपने मंसूबे में कामयाब नहीं होंगे.

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