अति आवश्यक :रबी फसलों को बचाने के लिए जागरूकता जरूरी

अति आवश्यक :रबी फसलों को बचाने के लिए जागरूकता जरूरी विश्व मृदा दिवस पर वैज्ञानिकों ने आयोजित किया कार्यक्रम वैज्ञानिकों ने किसानों को दी रबी फसल की जानकारी फोटो नं-19, रबी फसल की जानकारी देते कृषि वैज्ञानिक संवाददाता, कुचायकोट/थावे रबी फसलों के बचाव के लिए सिपाया कृषि विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिकों ने संगोष्ठी का आयोजन […]

अति आवश्यक :रबी फसलों को बचाने के लिए जागरूकता जरूरी विश्व मृदा दिवस पर वैज्ञानिकों ने आयोजित किया कार्यक्रम वैज्ञानिकों ने किसानों को दी रबी फसल की जानकारी फोटो नं-19, रबी फसल की जानकारी देते कृषि वैज्ञानिक संवाददाता, कुचायकोट/थावे रबी फसलों के बचाव के लिए सिपाया कृषि विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिकों ने संगोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें विश्व मृदा दिवस मनाया गया. इसका उद्घाटन सांसद जनक राम ने किया. इस मौके पर कृषि वैैज्ञानिक डाॅ राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि कृषि विज्ञान से बेहतर उपज की जा सककी है. फसलों को बीमारियों से बचाने के लिए किसानों को जागरूक होना होगा. किसान अपने खेतों की मिट्टी समय-समय पर जांच कराएं. अगर मिट्टी में किसी तत्व की जरूरत आती है, तो उसे पूरा करने के रासायनिक उपयोग किया जाये. बेवजह रासायनिक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए वैैज्ञानिकों ने जैविक खाद के प्रयोग पर बल दिया, जबकि पौधा संरक्षण वैज्ञानिक सुनील कुमार मंडल ने रबी फसलों में होनेवाली बीमारियों की सही जानकारी किसानों को दी. उसी तरह डाॅ राम कृष्ण राय ने बरफेना तथा जई चारा के उपयोग के बारे में गुणवत्ता एवं लाभ पर विस्तार से परिचर्चा की. पशुओं को शीतलहर से बचाव के लिए विस्तार से किसानों को बताया गया. थावे प्रतिनिधि के अनुसार विश्व मृदा दिवस के मौके पर आठ किसानों को मृदा जांच का प्रमाणपत्र दिया गया. किसानों को जागरूक करने के लिए आयोजित समारोह का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख उद्धव यादव ने किया. कृषि समन्वयक राकेश मिश्रा, इम्तेयाज आलम ने रासायनिक खाद पर चर्चा की.

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