अब मृतक भी रहेंगे इंदिरा आवास में ! जगतौली में मृतकों को भी दिया गया इंदिरा आवास.. दो दर्जन लोग भी दुबारा बने थे लाभुक.. मामले के खुलासे के बाद प्रखंड में मचा हड़कंपसंवाददाता,भोरेभोरे प्रखंड की जगतौली पंचायत में हुए इंदिरा आवास घोटाले की जांच शुरू होने के बाद कई ऐसे खुलासे हुए, जिससे यह स्पष्ट है कि इस घोटाले की पूरी पटकथा पहले से ही तैयार थी. इस जांच के बाद एक बात और सामने आयी है कि इस घोटाले की आंच जगतौली के अलावा अन्य पंचायतों को भी झुलसा सकती है. ऐसे में इस जांच से भोरे की सभी पंचायतों में हड़कंप मचा हुआ है. भोरे प्रखंड कार्यालय में जगतौली इंदिरा आवास घोटाले की जांच करने पहुंचे डीडीसी जिउत कुमार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भोरे की किसी भी पंचायत के इंदिरा आवास का रेकॉर्ड मौजूद नहीं है. बाहर के लोगों को भी दिया इंदिरा आवास डीडीसी की जांच में यह तथ्य भी उभर सामने आया है कि जगतौली में राम प्रसाद बैठा, सुखराम बैठा, रामधारी, संपत राम सहित पांच ऐसे लाभुक थे, जिनकी मौत पूर्व में ही हो गयी थी, लेकिन उनके नाम पर भी इंदिरा आवास का आवंटन कर दिया गया. इसके साथ यह बात भी सामने आयी कि जगतौली पंचायत में चार ऐसे लाभुक पाये गये, जिनका जगतौली पंचायत से कोई रिश्ता हीं नहीं है. इनमें शैलेश साह, सुभाष गोड़, विद्या बैठा एवं विश्वनाथ शामिल हैं. फर्जीवाड़ा कर 65 के बदले 339 इकाइयां हुई स्वीकृत-यहां मजेदार बात यह है कि वर्ष 2013-14 में गोपालगंज जिला प्रशासन ने 65 इंदिरा आवास की इकाई भोरे प्रखंड के लिए स्वीकृत की, लेकिन इसमें फर्जीवाड़ा कर भोरे में 65 के मुकाबले 339 इकाई की सेक्शन रिपोर्ट भेज दी गयी और उसमें से सर्वाधिक 146 इकाई जगतौली पंचायत को ही आवंटित कर लाभुकों के खाते में पैसा भेजने के नाम पर सीधे जगतौली की मुखिया इंदू देवी के पति रमेश सिंह व उपमुखिया उमेश यादव के व्यक्तिगत खातों में भेज दी गयी. तब भोरे की बीडीओ रही कुमारी ज्ञानवती ने प्रखंड के लिए जिले से आवंटित इंदिरा आवास की संख्या सत्यापन करना भी मुनासिब नहीं समझा और आनन-फानन में लाभुकों की राशि सीधे मुखियापति रमेश सिंह व उमेश यादव के खाते भेज दी गयी.रास्ते में ही बदल दी गयी सलाह सूची -जगतौली पंचायत के लिए एक ही तिथि एक ही पत्रांक-दिनांक से तीन-तीन सलाह सूचियां जारी कर दी गयीं. डीडीसी जिउत कुमार ने बताया कि जो सलाह सूची भोरे प्रखंड कार्यालय से चली थी, उसे रास्ते में ही बदल दी गयी. लामीचौर के ग्रामीण बैंक में भेजी गयी सलाह सूची में सिर्फ दो ही खातों में पूरी रकम भेजी जानी थी. इस सूची को जान-बूझ कर 28 मार्च को बैंक भेजा गया, ताकि रुपयों को तुरंत ही कैश कर दिया जाये. 25 मार्च, 2014 को रमेश सिंह के खाते में 362 रुपये ही थे. 29 मार्च, 2014 को 71.50 लाख रुपये ट्रांसफर किये गये. 31 मार्च को रमेश सिंह ने पांच हजार रुपये की निकासी कर ली. पुन: 14 जून को रमेश सिंह के खाते से 71.50 लाख बीडीओ के खाते में वापस कर दी गयी. इस दौरान सूद की 64 हजार की राशि बैंक ने रमेश प्रसाद सिंह के ऋण मद में कटौती कर ली. इस सलाह सूची में 21 ऐसे लाभुकों को शामिल किया था, जो पूर्व में इसका लाभ ले चुके थे.बीडीओ समेत पांच लोग हैं जांच के दायरे में इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन बीडीओ कुमारी ज्ञानवती जो इस समय मढ़ोरा में महिला प्रसार पदाधिकारी हैं. उनके अलावा मुखिया पति रमेश प्रसाद सिंह उपमुखिया उमेश यादव, पंचायत सचिव सच्चिदानंद मिश्र, प्रधान सहायक चंद्रशेखर सिन्हा एवं मुखिया इंदू देवी जांच के दायरे में हैं. डीडीसी ने बताया कि मामले की पूरी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गयी है. उनके निर्देश के बाद कार्रवाई होगी.
अब मृतक भी रहेंगे इंदिरा आवास में !
अब मृतक भी रहेंगे इंदिरा आवास में ! जगतौली में मृतकों को भी दिया गया इंदिरा आवास.. दो दर्जन लोग भी दुबारा बने थे लाभुक.. मामले के खुलासे के बाद प्रखंड में मचा हड़कंपसंवाददाता,भोरेभोरे प्रखंड की जगतौली पंचायत में हुए इंदिरा आवास घोटाले की जांच शुरू होने के बाद कई ऐसे खुलासे हुए, जिससे यह […]
