ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर फर्जीवाड़ा! संवाददाता, भोरेभोरे में भोले-भाले ग्रामीणों को ऑनलाइन शिक्षा देने के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है़ शिकार हुए ग्रामीण कंपनी के क्षेत्रीय कर्मी को कुछ देर के लिए बंधक बनाते हुए उन्हें दिये गये रुपये वापस लौटाने पर अड़ गये़ बाद में पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझा कर व ग्रामीणों के पैसे लौटवाने के आश्वासन के बाद मामले को शांत करा दिया़ भोरे, विजयीपुर, कटेया आदि क्षेत्रों में डीयू सॉफ्ट ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ग्रामीणों से इस एवज में 95 सौ रुपये लेती थी कि उन्हें कंपनी की तरफ से ऑनलाइन कंप्यूटर व अंगरेजी की शिक्षा देने के साथ ही प्रति माह उन्हें दो हजार रुपये घर बैठे मिल जायेगा़ लेकिन, जब कुछ दिनों बाद उन ग्रामीणों को कंपनी द्वारा किये गये वादे के अनुरूप लाभ मिलता नहीं दिखा, तो उन्होंने इस काम में लगे लोगों से पूछताछ शुरू की़ तब उन्हें इस बात की जानकारी हुई कि पैसा देने के बाद पुन: उन्हें अपने नीचे दो-दो लोगों का लेग तैयार करना होगा और उससे मिलनेवाले पैसे का कमीशन ही उनका लाभांश होगा़ इस जानकारी के बाद ग्रामीण कंपनी के रवैये के प्रति क्षुब्ध हो गये और कंपनी के कर्मियों से अपने द्वारा जमा किये गये पैसों की मांग करने लगे़ बार-बार उन्हें आश्वासन के सिवा कुछ मिलता न देख ग्रामीण कर्मियों की मुस्तैदी से खोज करने लगे. इसी दौरान उनकी मुलाकात इस काम में पूर्व से लगे कंपनी के कर्मी संतोष कुमार से हुई, जिनको अपने कब्जे में लेकर ग्रामीण अपने पैसे लौटाने के नाम पर अड़ गये़ पीड़ित मनीशा यादव, निक्की कुमारी यादव, रानी कुमारी, राजा राम प्रजापति, रामाशीष यादव, हरिकेष राम, उमेश राम, गुड्डू राम आदि बताते हैं कि पिछले कई महीनों से वो अपने पैसे को लेकर इधर-उधर भाग-दौड़ कर रहे हैं, लेकिन कंपनी से जुड़े लोग उनकी परेशानियों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे है़ं आखिरकार सभी ग्रामीणों ने एकजुट होकर सतीश कुमार को अपने घेरे में ले लिया़ बाद में मामला पुलिस के पास पहुंचा, जहां पुलिस ने दोनों पक्षों की बातों को सुनने के बाद कंपनी के कर्मियों से लिये गये पैसों को लौटाने के आश्वासन के बाद मामला शांत करा दिया़
ऑनलाइन शक्षिा के नाम पर फर्जीवाड़ा!
ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर फर्जीवाड़ा! संवाददाता, भोरेभोरे में भोले-भाले ग्रामीणों को ऑनलाइन शिक्षा देने के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है़ शिकार हुए ग्रामीण कंपनी के क्षेत्रीय कर्मी को कुछ देर के लिए बंधक बनाते हुए उन्हें दिये गये रुपये वापस लौटाने पर अड़ गये़ बाद में पुलिस ने दोनों पक्षों को […]
