साथ बोएं गन्ना-मटर, होगा दोहरा लाभ

साथ बोएं गन्ना-मटर, होगा दोहरा लाभ गन्ना विकास विभाग देगा किसानों को अनुदानबीज और खाद के लिए है विभागीय व्यवस्थागोपालगंज. शरदकालीन गन्ने के साथ सब्जी वाली मटर बोकर किसान दोहरा लाभ ले सकते हैं. दोनों की बोआई का समय अक्तूबर और नवंबर है. इसी सीजन में बोये गये गन्ने का जमाता तो ठीक होता है, […]

साथ बोएं गन्ना-मटर, होगा दोहरा लाभ गन्ना विकास विभाग देगा किसानों को अनुदानबीज और खाद के लिए है विभागीय व्यवस्थागोपालगंज. शरदकालीन गन्ने के साथ सब्जी वाली मटर बोकर किसान दोहरा लाभ ले सकते हैं. दोनों की बोआई का समय अक्तूबर और नवंबर है. इसी सीजन में बोये गये गन्ने का जमाता तो ठीक होता है, पर लगातार गिरते तापमान के कारण बढ़वार कम. ऐसे में मटर को बढ़वार का पूरा मौका मिल जाता है. यही वजह है कि ये सीजन गन्ने के साथ मटर की खेती के लिए उपयुक्त है. इसके लिए गन्ना विकास विभाग की तरफ से अनुदान भी किसानों को दिया जाता है. प्रभारी सहायक निदेशक उमेश सिंह ने बताया कि किसानों को सरकार की योजनाओं से जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है. प्रोटीन का प्रचुर श्रोत होने के साथ भूमि के लिए भी उपयोगी : इसके और भी कई लाभ हैं. मसलन हर दलहनी फसल की तरह मटर भी प्रोटीन का अच्छा श्रोत है. अरहर दाल के रिकाॅर्ड मौजूदा भाव के मद्देनजर यह और भी प्रासंगिक हो गया है. इसके अलावा मटर की फलियों में विटामिन, कार्बोहाइड्रेट और खनिज लवण भी मिलते हैं. लिहाजा यह लोगों की सेहत के लिए मुफीद है. दहलीन फसलों की तरह भूमि में नाइट्रोजन स्थिर करने के कारण यह जमीन को भी उपजाऊ बनाती है. प्रति एकड़ गन्ने में अगर इस तरह मटर लगायी जाये तो उससे करीब 25-30 क्विंटल फलियां मिलेंगी. 25-30 रुपये किग्रा के बाजार भाव से किसान को 60-70 दिन में 40-45 हजार की आमदनी होगी.गन्ने की उचित प्रजातियां : को 0238, 118, 98014, कोसे- 01434 इस सीजन के गन्ने की उन्नत प्रजातियां हैं. बोआई के पूर्व टुकड़े में दो आंख होनी चाहिए. बोआई के पूर्व टुकड़े को बावस्टीन के घोल से उपचारित कर लें. प्रति एकड़ 75 किग्रा एनपीएस 20:20:20 और 25 किग्रा पोटाशा का प्रयोग करें. पहली सिंचाई फूल आने के समय करें. खेत की अंतिम तैयारी के समय 80-100 क्विंटल गोबर की कंपोस्ट खाद और दो किग्रा ट्राइकोडर्मा डालें. गन्ने के लिए अलग से खाद का प्रयोग करें.

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