फैसला जो भी हो, मंजूर होना चाहिए, जंग हो या इश्क भरपूर होना चाहिए

फैसला जो भी हो, मंजूर होना चाहिए, जंग हो या इश्क भरपूर होना चाहिए एक शाम शायरों के नाम आरा. प्रभात खबर की ओर से सांस्कृतिक भवन में आयोजित एक शाम आलमी शायर मुनव्वर राना और राहत इंदौरी के नाम रहा. कार्यक्रम का उद्घाटन वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अजहर हुसैन, आलमी शायर […]

फैसला जो भी हो, मंजूर होना चाहिए, जंग हो या इश्क भरपूर होना चाहिए एक शाम शायरों के नाम आरा. प्रभात खबर की ओर से सांस्कृतिक भवन में आयोजित एक शाम आलमी शायर मुनव्वर राना और राहत इंदौरी के नाम रहा. कार्यक्रम का उद्घाटन वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अजहर हुसैन, आलमी शायर मुनव्वर राना, राहत इंदौरी, प्रभात खबर के काॅरपोरेट एडिटर राजेंद्र तिवारी व एचआर हेड अंजय शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम की शुरुआत में जैसे ही मुनव्वर राना ने अपने चिर परिचित शब्द मां का नाम लिया दर्शकों से खचाखच भरा सांस्कृतिक भवन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. हर दिल अजीज आलमी शायर मुनव्वर राना और राहत इंदौरी की एक झलक पाने के लिए लोग बेताब दिखे. जैसे-जैसे शाम ढलती गयी, लोग शाेर व शायरी में मंत्रमुग्ध हो गये. सिर्फ भीड़ से वाह-वाह की आवाज आती रही. इस दौरान एक से बढ़ कर एक शायरी पेश की गयी. वहीं, राहत इंदौरी के ‘ फैसला जो भी हो मंजूर होना चाहिए, जंग हो या इश्क हो भर पूर होना चाहिए’ पर एक बार फिर सांस्कृतिक भवन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. कार्यक्रम में मुख्य रूप से नगर निगम के मेयर सुनील कुमार, जिप अध्यक्ष फुलवंती देवी, पुलिस अधीक्षक नवीन चंद्र झा, आरा विधायक नवाज आलम, बड़हरा विधायक सरोज यादव, भाई ब्रह्मेश्वर, पूर्व प्रमुख मुकेश यादव , अमित केसरी सहित कई लोग थे.

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