जिन विधायकों ने अनुशंसा कर दी योजना, वह होगी पूरी- इस बार जो विधायक चुनाव हार भी गये हैं, उनकी पहले से अनुशंसा की हुई योजनाएं होंगी पूरी- हारे हुए जिन विधायकों ने अपने फंड का नहीं किया पूरा उपयोग, उनकी बची हुई राशि मिल जायेगी दूसरे को- योजना एवं विकास विभाग ने सभी जिलों से इसकी रिपोर्ट तैयार कर भेजने को कहा- 15वीं विधानसभा में सभी विधायकों ने कर दी अपने फंड के तहत योजनाएं पूरी करने की अनुशंसासंवाददाता, पटनाराज्य में नयी सरकार के गठन के साथ ही 16वीं विधानसभा का कार्यकाल शुरू हो गया है. इस बार चुनकर आये तमाम विधायकों को मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत दो करोड़ रुपये सालाना अपने क्षेत्र में विकास करने के लिए नये वित्तीय वर्ष से आवंटित होंगे. परंतु 15वीं विधानसभा के कार्यकाल वाले जो विधायक इस बार चुनाव हार गये हैं, उनकी पहले से की गयी तमाम अनुशंसाएं हर हाल में पूरी होंगी. आचार संहिता लागू होने से पहले जिन विधायकों ने अपने फंड की जितनी राशि की योजनाओं की अनुशंसाएं कर दी है. वह इसी वित्तीय वर्ष में पूरी कर ली जायेगी. अगर किसी विधायक ने अपने फंड के तहत योजनाओं की अनुशंसा नहीं है या अपना पूरा फंड नहीं खर्च किया है, तो उनके बचे हुए पैसे जीते हुए नये विधायकों को ट्रांसफर हो जायेगा.योजना एवं विकास विभाग ने सभी जिलों को विधायकों की तरफ से अनुशंसा की गयी सभी योजनाओं या इनके बचे हुए फंड के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है. इसके आधार पर यह स्पष्ट हो पायेगा कि किस जिले में किन-किन विधायकों ने अपने पूरे फंड को खर्च करने की अनुशंसा की है और कितनों ने अपना पूरा फंड खर्च करने की अनुशंसा नहीं की है. इन तमाम बातों से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट जिलों को तैयार करने को कहा गाय है. इसके बाद जिन-जिन विधानसभाओं में रुपये बचे रह जायेंगे और वहां के संबंधित विधायक हार गये हैं, तो वे नये विधायकों को मिल जायेंगे. हाल में प्लानिंग विभाग ने इस मामले पर सभी जिलों के अभियंताओं को बुलाकर समीक्षा बैठक भी की थी.10 फीसदी योजनाएं हो जायेंगी रद्द 15वीं विधानसभा के मौजूदा सभी विधायकों ने योजनाओं की अनुशंसा तो कर दी है. इनमें 10 फीसदी योजनाएं तकनीकी कारणों से रद्द हो गयी हैं. चालू वित्तीय वर्ष के दौरान मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत आवंटित कुल राशि में 57 फीसदी रुपये अब तक खर्च हो चुके हैं. बचे हुए सभी रुपये को मार्च 2016 (वित्तीय वर्ष 2015-16 की समाप्ति) तक खर्च करने को कहा गया है. योजना विभाग ने समय पर कार्य पूरा करने के लिए सभी जिलों में अपने इंजीनियरों को स्थल निरीक्षण करने और अधूरी योजनाओं को पूरी करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा है. ताकि 15वीं विधानसभा की पूरी अनुशंसा खर्च हो सके.एमआइएस पोर्टल पर होगा अपडेटमुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना और बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम (बीएडीपी) से संबंधित तमाम योजनाओं को एमआइएस (मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) पोर्टल पर अपडेट करने के लिए कहा है. ताकि सभी योजनाओं की अपडेट स्थिति की जानकारी किसी विधायक या आम लोगों को हो सके. बीएडीपी में तैयार करें एक्शन प्लानबीएडीपी योजना के तहत सभी जिलों को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 30 दिसंबर तक एक्शन प्लान तैयार करके भेजने के लिए कहा गया है. इसके तहत दूसरे किस्त के तहत 24 करोड़ रुपये प्राप्त करने के लिए दिसंबर में प्लान तैयार करके केंद्र सरकार को भेजा जायेगा. चालू वित्तीय वर्ष में 36 करोड़ 18 लाख रुपये का बजट बीएडीपी में रखा गया है. इसके तहत सभी योजनाओं को स्वीकृत कर ली गयी है. इन्हें समय पर पूरा करने का सख्त निर्देश विभाग ने दिया है. गौरतलब है कि यह योजना सात सीमावर्ती जिलों में ही चलती है.
जिन विधायकों ने अनुशंसा कर दी योजना, वह होगी पूरी
जिन विधायकों ने अनुशंसा कर दी योजना, वह होगी पूरी- इस बार जो विधायक चुनाव हार भी गये हैं, उनकी पहले से अनुशंसा की हुई योजनाएं होंगी पूरी- हारे हुए जिन विधायकों ने अपने फंड का नहीं किया पूरा उपयोग, उनकी बची हुई राशि मिल जायेगी दूसरे को- योजना एवं विकास विभाग ने सभी जिलों […]
