नेपाल-भारत संबंध खराब, किंतु बिहार वहां कर रहा बाढ़ नियंत्रण में सहयोग

नेपाल-भारत संबंध खराब, किंतु बिहार वहां कर रहा बाढ़ नियंत्रण में सहयोगजल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण संपर्क कार्यालय चल रहे काठमांडू, विराट नगर और वाल्मिकी नगर में तीनों कार्यालयों में जल संसाधन विभाग के 28 कर्मचारी कर रहे हैं काम, सालाना खर्च हो रहें 70 लाख रुपये बिहार और नेपाल दोनों को मिल रहा […]

नेपाल-भारत संबंध खराब, किंतु बिहार वहां कर रहा बाढ़ नियंत्रण में सहयोगजल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण संपर्क कार्यालय चल रहे काठमांडू, विराट नगर और वाल्मिकी नगर में तीनों कार्यालयों में जल संसाधन विभाग के 28 कर्मचारी कर रहे हैं काम, सालाना खर्च हो रहें 70 लाख रुपये बिहार और नेपाल दोनों को मिल रहा है बाढ़ नियंत्रण के संपर्क कार्यालयों का लाभ संवाददाता, पटना मधेशी आंदोलन जब से उग्र हुआ है, तब से भारत-नेपाल संबंधों में खटास आ गयी है, किंतु बिहार सरकार नेपाल को बाढ़ से राहत दिलाने के लिए हर मोरचे पर मदद कर रही है. नेपाल में बिहार के जल संसाधन विभाग ने तीन-तीन बाढ़ नियंत्रण संपर्क कार्यालय खोल रखे हैं. तीनों कार्यालयों में जल संसाधन विभाग के 28 कर्मचारी काम कर रहे हैं. बाढ़ नियंत्रण संपर्क कार्यालयों पर विभाग सालाना 70 लाख रुपये खर्च भी कर रहा है. नेपाल के काठमांडू, विराट नगर और वाल्मिकी नगर में जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण संपर्क कार्यालय चल रहे हैं. काठमांडू के बाढ़ नियंत्रण संपर्क कार्यालय में 10, जबकि विराट नगर और वाल्मिकी नगर के बाढ़ नियंत्रण संपर्क कार्यालयों में नौ-नौ कर्मचारी काम कर रहे हैं. जल संसाधन विभाग ने पिछले वर्ष अपने संगठनात्मक पुर्नगठन के बाद नेपाल के तीनों बाढ़ नियंत्रण संपर्क कार्यालयों में कर्मचारियों की तैनाती तय कर दी थी. इस फैसले पर विभाग की प्रशासी वर्ग कार्यसमिति की भी मुहर लग चुकी है. नेपाल की नदियों की बाढ़ का संकट हर वर्ष उत्तर बिहार के कई जिलों को झेलना पड़ता है. नेपाल में चल रहे जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण संपर्क कार्यालयों से बिहार में भी बाढ़ नियंत्रण में मदद मिल रही है. कुसहा तटबंध टूटने के बाद जल संसाधन विभाग पहले से अधिक सर्तकता बरत रहा है. नेपाल के बाढ़ नियंत्रण संपर्क कार्यालयों से बाढ़ की सूचना वक्त से पहले मिल जाती है. सूचना मिलते ती उत्तर बिहार के जिलों में जल संसाधन विभाग बाढ़ नियंत्रण और बचाव का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर देता है. जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण संपर्क कार्यालयों का लाभ नेपाल को भी मिल रहा है.

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