कोड ने बिगाड़ दी प्रशासन की तैयारी चालांकी से प्रत्याशी भेद रहे प्रशासन के घेरे को संवाददाता, गोपालगंज हर खेल धन-बल का है. यह चुनावी मौसम में खूब हो रहा है. प्रत्याशियों ने पिटारा खोल दिया है. सभी होटल बुक हैं. एक -एक प्रत्याशी ने 20 से 25 कमरे बुक कराये हैं. होटलों में ही खेल हो रहा है. इसकी भनक तक पुलिस को नहीं लग पा रही है. धन -बल के प्रयोग पर रोक लगाने में प्रशासन सफल नहीं दिख रहा है. प्रत्याशी के चालाकी के आगे सभी धोखा खा रहे हैं. किस व्यक्ति को कितनी राशि मिलनी है और किस पंचायत में खर्च करना है, इसकी सूची पहले बन चुकी है. सिर्फ उसके अमली जामा पहनाना होता है. कोड के सहारे हो रहा काम किसी की पकड़ में आ सके इसके लिए कोड तैयार किया है. एक प्रत्याशी के करीबी ने बताया कि चार कोड तैयार किये गये हैं. पहले कोड में पांच हजार तक राशि दी जाती है. दूसरे में दस तक तीसरे में 25 व चौथे कोड 50 हजार तक राशि देने का निर्देश है. इससे अधिक राशि के लिए प्रत्याशी खुद तय करते हैं. बूथ मैनेज हो या फिर मतदाता. सभी डील होटल के बंद कमरे में किये जा रहे है. किसी कितना रुपया मिलना है सभी तय किये जाते है. लेनदार को सिर्फ कमरा नंबर और एक कोड बता दिया जाता है. पहुंचते ही राशि दे दी जाती है.
कोड ने बिगाड़ दी प्रशासन की तैयारी
कोड ने बिगाड़ दी प्रशासन की तैयारी चालांकी से प्रत्याशी भेद रहे प्रशासन के घेरे को संवाददाता, गोपालगंज हर खेल धन-बल का है. यह चुनावी मौसम में खूब हो रहा है. प्रत्याशियों ने पिटारा खोल दिया है. सभी होटल बुक हैं. एक -एक प्रत्याशी ने 20 से 25 कमरे बुक कराये हैं. होटलों में ही […]
