डेंगू के बाद अब स्वाइन फ्लू का डर

डेंगू के बाद अब स्वाइन फ्लू का डर ठंड बढ़ने के साथ ही सक्रिय होगा स्वाइन फ्लू का वायरसजिले के अस्पतालों में नहीं है इंतजाम फोटो न. 3 इंट्रो- डेंगू का खतरा अभी कम नहीं हुआ है. ठंड की दस्तक के साथ ही स्वाइन फ्लू का खतरा मंडराने लगा है. ऐसे में चिंता का विषय […]

डेंगू के बाद अब स्वाइन फ्लू का डर ठंड बढ़ने के साथ ही सक्रिय होगा स्वाइन फ्लू का वायरसजिले के अस्पतालों में नहीं है इंतजाम फोटो न. 3 इंट्रो- डेंगू का खतरा अभी कम नहीं हुआ है. ठंड की दस्तक के साथ ही स्वाइन फ्लू का खतरा मंडराने लगा है. ऐसे में चिंता का विषय यह है कि जो स्वास्थ्य विभाग डेंगू से निबटने में नाकाम रहा है, वह स्वाइन फ्लू से लोगों को कैसे बचा सकेगा? स्वास्थ्य विभाग की मौजूदा तैयारियों को देख कर लगता है कि वह आनेवाले समय में स्वाइन फ्लू से निबटने के लिए सिर्फ भगवान भरोसे रहनेवाला है.

गोपालगंज : जिले में डेंगू से अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, कुल पीड़ितों की संख्या 45 है. इनमें कई का इलाज स्थानीय स्तर पर, जबकि कई लोगों का इलाज पीएमसीएच में हुआ है. सदर अस्पताल में आइसीयू शुरू किया गया है, लेकिन स्वाइन फ्लू के लिए वार्ड नहीं बनाये गये हैं. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यह मान कर चल रहें है कि मौसम में ठंडक आनी शुरू हो गयी है और अब डेंगू खुद ही खत्म हो जायेगा.

यहां डेंगू मरीजों के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किया गया था. डेंगू पीड़ितों का इलाज करने के बजाय उन्हें पीएमसीएचरेफर किया जाता रहा. अब स्वाइन फ्लू से निबटने की तैयारी नहीं है. पिछले बार भी स्वाइन फ्लू के मरीज मिले थे. स्वाइन फ्लू का वायरस इस वर्ष अबतक नहीं मिला है. स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने पर उसके लिए अलग वार्ड बनाया जायेगा. 30 डिग्री से कम में स्वाइन फ्लू का खतरा विशेषज्ञों की मानें, तो 30 डिग्री या उससे कम तापमान होने पर स्वाइन फ्लू का वायरस सक्रिय हो जाता है. चिकित्सक डॉ विवेक कुमार की मानें,

तो स्वाइन फ्लू का वायरस तेज धूप में सक्रिय नहीं हो पाता. सामान्य फ्लू और स्वाइन फ्लू के वायरस में फर्क होता है. स्वाइन फ्लू में जुकाम बहुत तेज होता है. नाक ज्यादा बहती है. पीसीआर टेस्ट से ही स्वाइन फ्लू का पता लगता है. इस बीमारी में कई अंग भी काम करना बंद कर सकते हैं. फोटो न. 4 अस्पताल में ही पनप रही बीमारी सदर अस्पताल में ही वायरस संक्रमण पनप रहा है. अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर मेडिकल कचरा बुधवार को पूरा दिन पड़ा रहा. मेडिकल कचरे की दुर्गंध ने मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है. लेबर वार्ड से लेकर इमरजेंसी वार्ड बीमारियों को बढ़ावा दे रहा है.

अस्पताल में भरती मरीज के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इसकी शिकायत भी, लेकिन सफाई नहीं करायी गयी. फोटो न. 5क्या कहते हैं अधिकारी स्वाइन फ्लू का वायरस यहां अबतक कोई मरीज में नहीं मिला है. सदर अस्पताल में इसकी जांच और इलाज के लिए पूरी व्यवस्था है. त्योहार में बाहर से घर आनेवाले व्यक्ति अपनी जांच ओपीडी वार्ड में करा सकते हैं डॉ पीसी प्रभात उपाधीक्षक, सदर अस्पताल

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