हाइकोर्ट ने 3500 डॉक्टरों की नियुक्ति पर लगायी रोकसरकार से दोहरा मापदंड अपनाने के मामले में तीन सप्ताह में मांगा जवाबसंवाददाता,पटनापटना हाइकोर्ट ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में 3500 डॉक्टरों की नियुक्ति पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी है़ न्यायाधीश अजय कुमार त्रिपाठी ने मामले की सुनवाई करते हुए आदेश जारी किया़ आदेश में राज्य सरकार व बीपीएससी को नियुक्ति के मामले में दोहरा मापदंड अपनाये जाने के मामले में तीन सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा है़ सुनवाई के दौरान कहा गया कि डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए 12 अक्तूबर को फाइनल रिजल्ट निकाला गया़ इसके लिए पिछले साल विज्ञापन निकाला गया था़ सरकार ने एमसीआइ से मान्यता प्राप्त नहीं संस्थान से डिग्री व डिप्लोमा लेनेवाले डॉक्टरों को असफल करार दिया है, जबकि डिग्री के आधार पर डॉक्टरों को विशेषज्ञ डॉक्टर बनाया जाना था़ मामले में कहा गया कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति में सरकार दोहरा मापदंड अपना रही है़ पीएमसीएच में कुछ फैकल्टी को एमसीआइ से मान्यता प्राप्त नहीं है, जबकि 50 साल से पढ़ाई हो रही है़ इस तरह के एक अन्य मामले में राज्य सरकार ने हाइकोर्ट में जवाब दिया था कि एमसीआइ से मान्यता प्राप्त संस्थान नहीं होने के बाद भी डॉक्टरों की नियुक्ति के मामले में दिक्कत नहीं होगी़ अब राज्य सरकार एमसीआइ से मान्यता प्राप्त नहीं संस्थान से डिग्री लेनेवाले को असफल करार कर रही है़ इस पर हाइकोर्ट ने सरकार व बीपीएससी से दोहरा मापदंड अपनाये जाने के मामले में तीन सप्ताह में जवाब मांगते हुए अगले आदेश तक डॉक्टरों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है़
हाइकोर्ट ने 3500 डॉक्टरों की नियुक्ति पर लगायी रोक
हाइकोर्ट ने 3500 डॉक्टरों की नियुक्ति पर लगायी रोकसरकार से दोहरा मापदंड अपनाने के मामले में तीन सप्ताह में मांगा जवाबसंवाददाता,पटनापटना हाइकोर्ट ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में 3500 डॉक्टरों की नियुक्ति पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी है़ न्यायाधीश अजय कुमार त्रिपाठी ने मामले की सुनवाई करते हुए आदेश जारी किया़ […]
