भाजपा- जदयू और राजद को किसानों से कोई मतलब नहीं : दीपंकर

भाजपा- जदयू और राजद को किसानों से कोई मतलब नहीं : दीपंकरएनडीए व महागंठबंधन की बातों में बिहार के मतदाता नहीं आयेंगे इस बार जनता के बुनियादी सवालों को हाशिए पर धकेल रहा एनडीए और महागंठबंधन संवाददाता, पटना भाजपा गंठबंधन हो या फिर जदयू–राजद का महागंठबंधन, इन दोनों को किसानों की समस्याओं से कोई लेना […]

भाजपा- जदयू और राजद को किसानों से कोई मतलब नहीं : दीपंकरएनडीए व महागंठबंधन की बातों में बिहार के मतदाता नहीं आयेंगे इस बार जनता के बुनियादी सवालों को हाशिए पर धकेल रहा एनडीए और महागंठबंधन संवाददाता, पटना भाजपा गंठबंधन हो या फिर जदयू–राजद का महागंठबंधन, इन दोनों को किसानों की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है. आज बिहार के किसान आत्महत्या कर रहे हैं. पटना के मनेर में भी किसानों की आत्महत्या की घटनाएं हुयी हैं, लेकिन इस पर इन दोनों गठबंधनों का कोई ध्यान नहीं है. किसानों को धान का समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा, उनकी फसलें लगातार बरबाद होती गयीं, लेकिन उन्हें किसी भी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला. उक्त बातें शुक्रवार को माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने दीघा की सभा में कही. उन्होंने कहा कि इतना कुछ होने के बावजूद दोनों गठबंधन बिहार को विकसित करने के दावे कर रहे हैं. सच तो यह है कि दोनों गठबंधन किसान विरोधी हैं. किसानों की जमीन छीनने के लिए मोदी सरकार ने तीन-तीन बार भूमि अधिग्रहण अध्यादेश लाने का काम किया, लेकिन जनता के जबरदस्त प्रतिरोध आंदोलन के कारण उसे पीछे हटना पड़ा. मोदी सरकार पूरी तरह कारपोरेटपरस्ती पर चल रही है. उसके शासन में किसानों का कोई भला नहीं होने वाला है. दोनों गठबंधन जनता के बुनियादी सवालों को हाशिए पर धकेलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वामपंथी ताकतें मजबूती से बदलाव व विकास के वैकल्पिक एजेंडे पर चुनाव लड़ रही हैं. उन्होंने उम्मीद जतायी कि इस बार भाजपा गठबंधन व महागठबंधन की बातों में बिहार के मतदाता नहीं आने आयेंगे. सभा को मुर्तजा अली, सुधीर कुमार, वीरेन्द्र शर्मा और रणविजय कुमार ने भी संबोघित किया.

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