Gopalganj News: थाइलैंड, कंबोडिया और म्यांमार में फंसे गोपालगंज के 47 युवक, एजेंट के खिलाफ एक्शन की तैयारी में पुलिस

Gopalganj News: बिहार के गोपालगंज जिले के 47 युवक जॉब स्कैम कंपनियों की गिरफ्त में आकर तीन देशों में फंसे हुए हैं. पुलिस ने इन कंपनियों की लिस्ट जारी की है.

Gopalganj News: गोपालगंज पुलिस की साइबर सेल ने थाईलैंड, कंबोडिया और म्यामार में फंसे गोपालगंज के युवकों के मामले की आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) और जांच शुरू कर दी है. पुलिस उन युवकों के घर-घर जाकर वेरिफिकेशन कर रही है, जो दूसरे देश में फंसे हुए हैं. युवकों को नौकरी का गलत झांसा देकर भेजनेवाले एजेंट को भी चिह्नित किया जा रहा है. गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने इस मामले को लेकर इओयू के डीआइजी मानवजीत सिंह ढिल्लों से बात की है. डीआइजी की ओर से कई बिंदुओं पर पुलिस को कार्रवाई के लिए निर्देश भी दिये गये हैं.

एसपी खुद कर रहे मामले की मॉनीटरिंग

पुलिस अधीक्षक ने खुद कार्रवाई की मॉनीटरिंग शुरू कर दी है. उन्होंने साइबर डीएसपी अवंतिका दिलीप कुमार से मामले में अबतक की कार्रवाई के बारे में जानकारी ली है. कंबोडिया से लौटे हथुआ के शुभम कुमार द्वारा साइबर थाने में पांच लोगों पर दर्ज कराये गये केस के बारे में भी रिपोर्ट ली गई है. नगर थाने में कुचायकोट के युवक द्वारा पूर्व में दर्ज कराये गये केस के बारे में भी जानकारी ली गई है. विदेश भेजनेवाले एजेंट कुछ ऐसे हैं, जिन्होंने दूसरे राज्यों में पनाह ली है, तो कुछ दुबई और सउदी में बैठकर सिंडिकेट चला रहे हैं. इन सभी लोगों पर पुलिस और इओयू ने कार्रवाई शुरू कर दी है.

जॉब स्कैम कंपनियों की लिस्ट

सोशल मीडिया पर जॉब स्कैम वाली कंपनियां युवाओं को प्रलोभन दे रही हैं. इनमें प्रमुख रूप से ऐलान टेक्निकल टेस्ट संस्थान बिहार, जहाज इंटरनेशनल इंडिया, नवीन चंद्र हैदराबाद, विजय नाथन गुडवन चेरी तमिलनाडु, शाहबाज तेलंगाना, चंदन अजीत तिरुवनंतपुरम केरला, थोडुपुझा इदुक्की अजीत, सहाना साबिर मंजिल अल्लाहपूजा/चेन्नई, जगदीश मुंबई, मणिकानंदन चेन्नई, टोनी चेन्नई, शेफिन (जीजेएन इंपोर्ट एंड एक्सपोर्ट) चेन्नई, सादिक भाई (दुबई एजेंसी) दुबई, कर्णम बाबूराव विशाखापट्टनम, भारत सिंह डीडवाना नागौर, पंकज वर्मा (एसोसिएट का भारत सिंह) सीबेयर ग्रुप दिल्ली, एनएम इंटरनेशनल नई दिल्ली, सी रेन गोह, श्रीनिवास अजमेर एंड हिस ब्रदर अजमीरा सुंदर इंडिया, जगदीश चंद्र कांडपाल मुंबई आदि नाम शामिल हैं.

भारतीय युवाओं को फंसा रही ये कंपनियां

पुलिस को भारतीय युवाओं को फंसानेवाली कई कंपनियों की लिस्ट हाथ लगी है. इनमें ओकेएक्स, सुपर एनर्जी ग्रुप मयावड्डी, जैनिथ ग्रुप मयावड्डी, हुआन किउ कंपनी लैक्केन शान स्टेट, एफओएफएक्स टेक कंपनी लिमिटेड यांगून, हाओताई इंटरनेशनल ग्रुप लिमिटेड यांगून थाईलैंड, शेयर होल्डर का म्यांमार होयुआन फूड एंड बेवरेज कंपनी लिमिटेड यांगून, सेवन स्टार क्लब मयावड्डी थाईलैंड, योंग सिंह इंटरनेशनल कंपनी यांगून, सीआई ग्रुप नेम शांगी, मयावड्डी, केके इंटरनेशनल मयावड्डी, हुइलोन नेटवर्क, बीकेके थाईलैंड, डीआईसी प्राइवेट लिमिटेड टोटम ग्रुप वॉल सेंटर थाईलैंड और एफओएफएक्स टेक कंपनी लिमिटेड, फेक लोकेशन यांगून के अलावा एक्शन प्रॉपर्टी सीओ एलटीडी पटाया पटाया, . हाँग तु प्रॉपर्टी, नागा वर्ल्ड ग्रुप्स थाइलैंड, झोउ मेई ट्रेडिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड रंगून आदि कंपनियों की सूची मिली है. इनके बारे में कहा गया है कि ये कंपनियां भारतीय युवाओं को अपने जाल में फंसा रही हैं.

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क्या बोले एसपी

गोपालगंज पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने कहा कि पुलिस और इओयू इसकी जांच कर रही है. 47 युवाओं के फंसे होने की खबर है, जिनका वेरिफिकेशन कराया जा रहा है. युवकों की पूरी लिस्ट और उनका पता नहीं मिल सका है. एजेंट की भी पुलिस सूची तैयार कर रही है, जिनके जरिये युवाओं को थाइलैंड, कंबोडिया व म्यांमार जैसे देशों में भेजा गया था. पुलिस ऐसे मामले को लेकर सख्त है और बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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