यूपी-बिहार के हिस्ट्रीशीटरों की कुंडली तैयार करेगी पुलिस

गोविंद कुमार, गोपालगंज : आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस हिस्ट्रीशीटरों की कुंडली तैयार करेगी. पुलिस इनका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है. उन पर कितने केस हैं, वे अभी क्या कर रहे हैं, कहां रह रहे हैं, उनका परिवार कहां है. अपराधियों से जुड़ी ये सभी जानकारियां जुटायी […]

गोविंद कुमार, गोपालगंज : आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस हिस्ट्रीशीटरों की कुंडली तैयार करेगी. पुलिस इनका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है. उन पर कितने केस हैं, वे अभी क्या कर रहे हैं, कहां रह रहे हैं, उनका परिवार कहां है.

अपराधियों से जुड़ी ये सभी जानकारियां जुटायी जा रही हैं. गोपालगंज जिला यूपी-बिहार के बॉर्डर पर होने के कारण सीमावर्ती राज्य के अपराधियों की भी कुंडली खंगाली जा रही है.
पुलिस कप्तान मनोज कुमार तिवारी की मानें तो कुछ ऐसे भी अपराधी हैं जिनकी अभी तक हिस्ट्रीशीट नहीं खुली है. पुलिस ऐसे अपराधियों की डिटेल इकट्ठा कर कुंडली तैयार कर रही है. इनकी हिस्ट्रीशीट खोलकर जिनके खिलाफ पांच से ज्यादा आपराधिक मामले हैं उनका रिव्यू कर डोजियर और हिस्ट्रीशीट खोली जायेगी.
पुलिस को शक है कि जिले के कुछ ऐसे अपराधी दूसरे जिलों में अपराध को अंजाम दे रहें हैं. ऐसे अपराधियों को खोजबीन करने के बाद जल्द ही एक टीम बनाने की बात कही गयी है. इसके अलावा पुलिस सक्रिय हिस्ट्रीशीट की सूची तैयार करने के बाद पुलिस नये हिस्ट्रीशीटर की भी एक सूची तैयार करेगी.
हिस्ट्रीशीट को दो श्रेणी ए व बी में बांटा गया है. ए श्रेणी में उन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली जाती है, जो छोटे अपराध करने के अभ्यस्त हैं और उनमें सुधार की कोई गुंजाइश दिखाई न दे. ए श्रेणी की हिस्ट्रीशीट एसपी खोल देते हैं. बी श्रेणी की हिस्ट्रीशीट जघन्य अपराधियों की खोली जाती है.
यह हिस्ट्रीशीट पुलिस महानिरीक्षक द्वारा अनुमोदित की जाती है. गोपालगंज जिला यूपी-बिहार के सात जिलों का बॉर्डर है. इसलिए इलाके में वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी दूसरे जिलों में पलायन कर जाते हैं. बिहार में सीवान, छपरा, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया तथा उत्तर प्रदेश में कुशीनगर व देवरिया सीमावर्ती जिला है.

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