गोपालगंज : बिहार में शराब पर लगी पाबंदी के बाद कुचायकोट थाने में जब्त शराब को खरीदने के मामले में शराब माफिया ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दो शंभुधर द्विवेदी की स्पेशल कोर्ट में अग्रिम जमानत की अपील की है. सोनू सिंह की ओर से वरीय अधिवक्ता अबू समीम ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की है.
उसके अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कोर्ट को विशेष लोक अभियोजक रवि भूषण श्रीवास्तव ने बताया कि कुचायकोट थाने में जब्त शराब को पुलिस अधिकारियों से मिलकर इन लोगों ने खरीदा है, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद खुलासा हुआ.
इसमें थाने में तैनात दारोगा अशोक यादव तथा थाना में मुंशी का काम करनेवाले चौकीदार मुन्ना सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. इस मामले में हरियाणा से शराब माफिया बबलू सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. अधिवक्ता नगर का सोनू सिंह कोन्हवा के पास लाइन होटल चलाता है. उसके पीछे शराब का धंधा करता है. कोर्ट ने अब सुनवाई के लिए सात सितंबर की तिथि तय की है.
उधर, कुचायकोट थाने में चालक का काम करनेवाले अनिल कुमार के बयान को भी दर्ज कराया गया है. अनिल ने कहा कि रात में चौकीदार मुन्ना सिंह ने पिकअप पर शराब लोड कराकर थावे विनिष्टीकरण के नाम थाना से निकाला, ताकि अन्य पुलिस स्टाफ विरोध न करे.
थानेदार की तलाश में रोहतास में छापेमारी के लिए टीम रवाना : कुचायकोट थाने में तैनात रहे थानेदार रितेश सिंह की तलाश में पटना में छापेमारी करने के बाद डीएसपी संतोष कुमार की टीम रोहतास स्थित उनके पैतृक गांव में छापेमारी की तैयारी में जुटी है.
उधर, करमैनी गांव के आशीष सिंह की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी में जुटी है. पुलिस को घटना के 28 दिन बाद भी कोई भी सुराग हाथ नहीं लगा है. बबलू सिंह द्वारा किये गये खुलासा के बाद 16 अन्य शराब माफियाओं की गिरफ्तारी में पुलिस जुटी है.
शराब विनिष्ट करने की मांगी अनुमति
वायरल वीडियो के बाद कुचायकोट थाने में 44 कांडों में जब्त की गयी शराब का मिलान किया गया था. इसमें शराब कम पायी गयी थी. इस कांड के अनुसंधानकर्ता डीएसपी संतोष कुमार ने डीएम से जब्त शराब को विनिष्ट करने के लिए अनुमति मांगी है. इससे पहले कुचायकोट के थानेदार रितेश सिंह ने भी शराब के विनिष्टीकरण के लिए अपील की थी. विनिष्टीकरण होने से पहले शराब को बेचा गया था.
वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच का आदेश
कुचायकोट थाने में जब्त शराब को बेचने के वीडियो की फॉरेंसिक जांच का आदेश कोर्ट ने बुधवार को दिया है. कोर्ट में कांड के अनुसंधानकर्ता डीएपी संतोष कुमार ने वीडियो को सौंपा. कोर्ट ने इसकी सत्यता की जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजने का आदेश दिया है.
