गोपालगंज : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के आह्वान पर गुरुवार को जिले भर के चिकित्सक हड़ताल पर रहे. एक दिवसीय हड़ताल से पूरे दिन नर्सिंग होम पर सन्नाटा पसरा रहा. सरकारी अस्पतालों पर भी हड़ताल का असर देखने को मिला. शहर और ग्रामीण इलाके के करीब पांच हजार मरीज हड़ताल की वजह से इलाज कराये बिना लौट गये. आइएमए की यह हड़ताल नर्सिंग होम पर हुई कार्रवाई के विरोध में था.
गोपालगंज : पांच हजार मरीज इलाज कराये बिना लौटे
गोपालगंज : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के आह्वान पर गुरुवार को जिले भर के चिकित्सक हड़ताल पर रहे. एक दिवसीय हड़ताल से पूरे दिन नर्सिंग होम पर सन्नाटा पसरा रहा. सरकारी अस्पतालों पर भी हड़ताल का असर देखने को मिला. शहर और ग्रामीण इलाके के करीब पांच हजार मरीज हड़ताल की वजह से इलाज कराये […]

आइएमए ने जिला प्रशासन को सात जून तक की गयी कार्रवाई को वापस लेने के लिए अल्टीमेटम दिया है. सील किये गये नर्सिंग होम को नहीं खोला गया तो आठ जून से राज्य भर के चिकित्सक हड़ताल पर रहेंगे. इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल की जायेगी.
हड़ताल के बाद आइएमए के जिला सचिव बैद्यनाथ प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में सदर अस्पताल में डॉक्टरों की बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की गयी. बैठक में डॉ राम प्रवेश सिंह, डॉ शंभुनाथ सिंह, डॉ कैप्टन एसके झा, डॉ चंद्रिका साह, डॉ एके चौधरी, डॉ पिंकी झा, डॉ सारिका गुप्ता, डॉ अमर कुमार, डॉ विशाल कुमार, डॉ इम्तेयाज अहमद, डॉ शशि रंजन प्रसाद, डॉ एसके गुप्ता, डॉ कौशर जावेद, डॉ पीसी सिन्हा आदि शामिल थे.
आइएमए के डॉक्टरों ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में भी बायो मेडिकल वेस्ट निकलता है, लेकिन यह कार्रवाई सरकारी अस्पतालों पर नहीं की जा रही है. डॉक्टरों ने कहा कि बायो मेडिकल वेस्ट से किसी भी जगह प्रदूषण फैल सकता है. सरकारी अस्पताल पर भी कार्रवाई करने की मांग की गयी है. जिस एजेंसी को इटीपी मशीन लेने के लिए प्रस्तावित किया गया है, वह मार्केट रेट से अधिक मूल्य पर बेच रही है, जो गलत है.
हड़ताल से ओपीडी में पसरा रहा सन्नाटा, इमरजेंसी सेवा फुल
डॉक्टरों की हड़ताल का असर सरकारी अस्पतालों में भी दिखा. आइएमए के वैसे डॉक्टर, जो सरकारी अस्पतालों में कार्यरत हैं, वे काम नहीं किये. इसके कारण ओपीडी पूरी तरह से बाधित रहा. वहीं, इमरजेंसी वार्ड मरीजों से पूरे दिन फुल रहा. दुर्घटना, विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीज इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किये गये थे.