गोपालगंज : आसमान से आग बरसता महसूस हुआ. सुबह छह बजे ही धूप के रुख ने इस बात का एहसास करा दिया था कि लोगों पर गर्मी भारी पड़ने वाली है. 10 बजते-बजते धूप की चुभन इस तरह बढ़ी कि लगा दोपहर के 12 बज गये हैं. दरअसल यह चुभन पश्चिम से आ रही हवाओं की देन थी, जो धूप का साथ दे रही थीं.
पछुआ हवा से धूप की ताकत बढ़ गयी और उसने शहर का हीट इंडेक्स बढ़ा दिया, जो तापमान के आंकड़ों से अधिक की गर्मी के एहसास की वजह बनी. दोपहर बाद पछुआ हवाओं ने भी गर्मी का पूरा साथ दिया, जिसका नतीजा न्यूनतम तापमान के आंकड़े में देखने को मिला. शरीर को झुलसा देने वाली धूप के कारण आम आदमी परेशान है. लोगों का घरों से निकलना कठिन हो गया है.
घरों में लगे पंखे गर्म हवा दे रहे हैं. लोगों की समझ में नहीं आ रहा है कि गर्मी से बचने के लिए कौन से उपाय किये जाएं. इधर, गर्मी के कारण 25 मई तक बंद रहने के बाद प्रारंभिक स्कूल सोमवार को खुल गये.
तपती दोपहरी में छात्रों को झुलसते हुए घर पहुंचना पड़ा. कई बच्चों में लू लगने के भी शिकायत मिले. बहरहाल, यह धूप अभी जारी रहेगी. इसमें लोगों को सतर्कता बरतने की जरूरत है. सोमवार को अधिकतम तापमान .6 डिग्री बढ़कर 44 पर पहुंच गया, तो न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया, जिसकी वजह से दिन के बाद रात में भी भीषण गर्मी बरकरार रही.
पछुआ हवाओं ने आर्द्रता के प्रतिशत को बढ़ा दिया. 31 से 72 प्रतिशत के बीच आर्द्रता रिकॉर्ड की गयी. मौसम विशेषज्ञ डॉ एसएन पांडेय ने बताया कि मध्य पाकिस्तान और राजस्थान के ऊपर बना चक्रवातीय हवाओं का क्षेत्र इस भीषण गर्मी की वजह है. आंकड़ों से ज्यादा गर्मी के एहसास का कारण सुबह से राजस्थान से आ रही पछुआ हवाएं हैं. मौसम का यह रुख फिलहाल बरकरार रहेगा.
