गोपालगंज : विजयीपुर प्रखंड के राज्य खाद्य निगम के गोदाम में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आयी है. जांच में गड़बड़ी उजागर होते ही विजयीपुर में तैनात एसएफसी के एजीएम सिधेश्वर प्रसाद तथा ट्रांसपोर्टर के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश मंगलवार को डीएम अनिमेष कुमार पराशर ने दिया है.
विजयीपुर के एजीएम व ट्रांसपोर्टर पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश
गोपालगंज : विजयीपुर प्रखंड के राज्य खाद्य निगम के गोदाम में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आयी है. जांच में गड़बड़ी उजागर होते ही विजयीपुर में तैनात एसएफसी के एजीएम सिधेश्वर प्रसाद तथा ट्रांसपोर्टर के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश मंगलवार को डीएम अनिमेष कुमार पराशर ने दिया है. डीएम ने […]

डीएम ने इसमें ट्रांसपोर्टर को संलिप्त पाते हुए उसके लाइसेंस को रद्द करने की कार्रवाई शुरू की है. साथ ही एजीएम के विरुद्ध प्रपत्र-क गठित करते हुए कार्रवाई की अनुशंसा करने की बात कही है.
डीएम ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद दो टीमें गठित की गयी थीं. विजयीपुर गोदाम की जांच में बड़े पैमाने पर धांधली पायी गयी है. ट्रांसपोर्टर और एजीएम की मिलीभगत से बोरों में निर्धारित वजन से कम अनाज पाया गया. डीलरों को कम अनाज देकर गड़बड़ी की जा रही थी.
कटेया के एजीएम पर विभागीय कार्रवाई तय : कटेया राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) के गोदाम को निजी व ठेकेदार के हवाले करने की पुष्टि जांच में हुई हैं. कटेया गोदाम का प्रभार भोरे के एजीएम त्रिभुवन प्रसाद के पास है.
जांच अधिकारियों की रिपोर्ट मिलते ही एजीएम को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है. डीएम ने बताया कि एजीएम को निलंबित करने की कार्रवाई की जा रही है.
भोरे में दो दिनों से बंद है एसएफसी का गोदाम : भोरे. सरकारी गोदाम को ठेकेदार के हवाले करने के मामले की जांच की बात सामने आने के बाद से भोरे एवं कटेया प्रखंडों में स्थित एसएफसी गोदाम पिछले दो दिनों से बंद पड़े हैं.
दो दिनों से गोदाम पर तीन ट्रक अनाज लेकर खड़े हैं, लेकिन गोदाम नहीं खुलने से ट्रक से अनाज अनलोड नहीं हो सका है. ऐसी स्थिति में ट्रक चालक भी काफी परेशान हैं. एक तरफ उनके सामने रहने सोने की समस्या, तो दूसरी तरफ ट्रक पर लदे अनाज के सुरक्षा की चिंता.
क्या है मामला
डीएम अनिमेष कुमार पराशर को यह सूचना मिली थी कि भोरे व कटेया के एसएफसी गोदाम के एजीएम त्रिभुवन प्रसाद द्वारा गोदाम को एक ठेकेदार के हवाले कर दिया गया है. गोदाम में स्टॉक की डिलिवरी और इंट्री का हिसाब-किताब भी एक प्राइवेट व्यक्ति के जिम्मे लगा दिया गया है. डीएम ने हथुआ एसडीएम को जांच करने का निर्देश दिया. डीएम के आदेश के बाद एसडीओ द्वारा एजीएम को हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी. बाद में एजीएम को छोड़ दिया गया.