किशनगंज : सरकारी विद्यालयों में शिक्षक/शिक्षिकाओं के फोटो लगाने का कार्य सुस्ती से हो रहा है. जिससे शिक्षण कार्य के प्रति लापरवाह शिक्षकों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है.
दूरदराज के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत कई शिक्षक शिक्षण कार्य से बचने के लिए ठेके पर अन्य किसी व्यक्ति को रख लेते हैं. इस तरह वह शिक्षण कार्य से छुटकारा पा जाते हैं. इसके मद्देनजर सरकार ने ठेके पर कार्य कर रहे शिक्षकों से शिक्षण कार्य लेने की व्यवस्था को समाप्त करने की तैयारी कर ली है.
हालांकि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा पत्रांक ईएफई/266/ 2014-15/ 2475 दिनांक 15-05-2016, ईएफई/ 266/ 2014-15/8298 दिनांक 13-12-2016 और 266 / 2014-15/7959 दिनांक 04-11-2017 वर्ष 14-15 के जरिये विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक/शिक्षिकाओं के फोटो स्कूल में लगवाने के निर्देश जारी किये गये थे.
लेकिन जिले के इक्का-दुक्का स्कूलों छोड़कर अन्य स्कूलों में शिक्षकों के फोटो अभी तक नहीं लगाये जा सके हैं. और तो वर्ष बीतने के बावजूद भी विभागीय अफसर भी शिक्षकों के फोटो की जगह अन्य बातों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किये हुए हैं. जिसका लापरवाह शिक्षक अनुचित लाभ उठा रहे हैं. तमाम स्कूलों में शिक्षक/शिक्षिकाएं अनियमित बने हुए हैं. जिससे स्कूलों में शैक्षिक वातावरण तैयार नहीं हो पा रहा है. इसी कारण 28 फरवरी को पत्रांक ईएफई / 266 /2014-15 /572 के जरिये पुन: आदेश जारी किया गया है.
जिले में कई शिक्षक करते है निजी कार्य
जिले में कई शिक्षक विद्यालयों में शिक्षण कार्य करने की जगह निजी कार्य, विभिन्न इंसोरेंस कंपनी के एजेंट जैसे कार्यों के साथ खेती के कार्य में जुटे रहते है. कभी कभार ही ऐसे अध्यापक स्कूलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं. खास बात यह है कि कई निरीक्षण होने के बाद भी ऐसे अध्यापक अफसरों की पकड़ में नहीं आ पाते हैं. शिक्षकों के फोटो लगाने से शायद व्यवस्था में सुधार हो जाये.
